मऊ। जल निगम के सेवानिवृत कर्मचारियों को पांच माह से पेंशन नहीं मिल रही है। पेंशन न मिलने से पेंशनरों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। परेशान पेंशनरों ने आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मामले को लटका दिया गया है। नाराज पेंशनरों ने धरना प्रदर्शन करने का अल्टीमेटम दिया है। आंकड़ों के अनुसार जल निगम में लगभग 100 से अधिक पेंशनर हैं। हालत यह है कि जल निगम से सेवानिवृत्त पेंशनरों को लगातार पांच माह से पेंशन नहीं मिल रहा है। इसके चलते कोरोना काल में पेंशनरों को जीविका चलाना मुश्किल हो रहा है। पेंशनरों की माने तो पेंशन भोगियों की आर्थिक स्थिति दयनीय होती जा रही है। मंहगाई भत्ता पिछले कई वर्षों से नहीं दिया जा रहा है। सातवां वेतनमान भी लागू नहीं किया गया है। वर्ष 2004 से पेंशनभोगियों को समय से पेंशन मिलना बंद हो गई है।इस संबंध में उप्र जल निगम पेंशनर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजकुमार पांडेय का कहना है कि लगातार पांच माह से पेंशन नहीं मिला है। आरोप लगाते हुए कहा कि शासन स्तर से पेंशन का बजट जारी हो चुका है, लेकिन जल निगम कार्यालय के उदासीन रवैए से पेंशनरों के खाते में पेंशन नहीं भेजी जा रही है। दो दिन के अंदर पेंशन का भुगतान नहीं किया गया तो हम लोग अधिशासी अभियंता जल निगम के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे। इसी क्रम में संगठन के मंत्री आरपी मिश्र का कहना है कि मंहगाई भत्ता पिछले कई वर्षोँ से नहीं दिया जा रहा है। सातवां वेतनमान भी लागू नहीं किया जा सका है। इसी क्रम में एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी शेषनाथ दुबे, कैलाश सिंह का कहना हहै कि समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस बाबत जल निगम के अधिशासी अभियंता एमए किदवई का कहना है कि पेंशनरों के एक माह की पेंशन खातें में भेज दी गई है। शेष पेंशन के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।