मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का रिपोर्ट कार्ड पूरी तरह नए स्वरूप में नजर आएगा। अब रिपोर्ट कार्ड केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसमें विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, व्यवहार, सहभागिता और समग्र विकास का भी आकलन किया जाएगा। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शैक्षिक सत्र 2026-27 में परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को पहली बार नया समग्र रिपोर्ट कार्ड वितरित किया जाएगा। इसमें बच्चों की शैक्षिक प्रगति को ग्रेड और स्टार प्रणाली के माध्यम से दर्शाया जाएगा। अभिभावकों और विद्यार्थियों का फीडबैक भी शामिल किया जाएगा। इससे यह केवल परीक्षा परिणाम का दस्तावेज न रहकर बच्चे की संपूर्ण शैक्षिक यात्रा का रिकॉर्ड बन सके। अधिकारियों की मानें तो केवल अंकों के आधार पर किसी विद्यार्थी की क्षमता का सही आकलन नहीं किया जा सकता। कई छात्र पढ़ाई के अलावा रचनात्मक गतिविधियों, व्यवहार और अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। नई व्यवस्था इन सभी पहलुओं को महत्व देगी। रिपोर्ट कार्ड में क्यूआर कोड भी अंकित होगा। इसे मोबाइल से स्कैन कर छात्र की शैक्षिक प्रगति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां ऑनलाइन देखी जा सकेंगी। इससे रिपोर्ट कार्ड डिजिटल रूप से भी सुरक्षित रहेगा। नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर का कहना है कि रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता, व्यवहार, सहभागिता और समग्र विकास का भी आकलन किया जाएगा।