नगर क्षेत्र के सहादतपुरा स्थित बैंक आफ इंडिया पर 500 और एक हजार के नोट बदलने के लिए लगी महिलाओं की लंबी कतार।
जिले में मुद्रा आपूर्ति और बैलेंस को बनाए रखने के लिए तीन चेस्ट मौजूद है, इसमें से एसबीआई और यूबीआई के चेस्ट से अब तक 12-12 करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं। दोनों बैंकों के प्रबंधकों ने बताया कि यदि देर रात तक करेंसी चेस्ट में नहीं आई तो रविवार को वो बैंक बंद रखेंगे।
जिले में भारतीय स्टेट बैंक के अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के पास करेंसी चेस्ट है। इन तीनों चेस्ट से जिले के सभी बैंकों को रुपये की आपूर्ति की जाती है। नौ नवंबर की देर रात हजार और पांच सौ के नोट के चलन पर प्रतिबंध लगा दिया गया, इसके बाद से इन चेस्टों से करेंसी निकालकर उसको बदलने और नियमानुसार देय करने का काम शुरू किया गया। इसी क्रम में शनिवार की देर शाम तक भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक की शाखा से सौ-सौ और पचास के 12-12 करोड़ रुपये निकल चुके थे।
जबकि पंजाब नेशनल बैंक से 15 करोड़ रुपये निकला है। यूनियन बैंक के प्रबंधक अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि उनके चेस्ट में बमुश्किल से दो से ढाई करोड़ रुपये शेष है। भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक रंजीत ने कहा कि अगर आज देर रात तक चेस्ट नहीं आया तो कल बैंक खोलना संभव नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि शनिवार को वो सिंडिकेट, कारपोरेशन आदि बैंकों को करेंसी नहीं उपलब्ध करा पाए। पोस्ट आफिस को बड़ी मुश्किल से पांच लाख दे सके हैं। पंजाब नेशनल बैैंक के करेंसी चेस्ट के मैनेजर शिवनाथ ने बताया कि उनके चेस्ट से अब तक 15 करोड़ रुपये का आहरण किया गया है। अभी चार करोड़ उनके पास मौजूद है। शिवनाथ ने बताया कि अभी उनकी दशा खराब नहीं होती, लेकिन बीते तीन नवंबर को आरबीआई से अनुमति लेकर वो 30 करोड़ करेंसी दूसरे जिले के चेस्ट को स्थानांतरित किए गए।