फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: धर्मांतरण के मामले में नामजद दो आरोपियों की रिमांड निरस्त

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के मामले में नामजद दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान मामले के विवेचक निरीक्षक यशवंत सिंह ने आरोपियों का रिमांड स्वीकृत करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी। रिमांड अर्जी पर अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुनने के बाद प्रभारी न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज जूनियर डिवीजन मुहम्मदाबाद गोहना कुवंर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने पुलिस की ओर से दी गई रिमांड अर्जी को निरस्त कर दिया। तथा दोनों आरोपियों को निजी मुचलके और अंडरटेकिंग पर रिहा करने का आदेश दिया।
विज्ञापन

प्रभारी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में लिखा कि एक्ट के अनुसार ऐसे मामले में वही व्यक्ति एफआईआर दर्ज करा सकता है, जो पीड़ित हो या पीड़ित के माता-पिता, भाई-बहन या ऐसा कोई व्यक्ति जो उससे रक्त, विवाह या दत्तक ग्रहण से संबंधित हो। प्रस्तुत मामले में एफआईआर कर्ता अमित कुमार पीड़िता के कहीं से भी संबंधित नहीं है। विवेचक द्वारा भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि जहां धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था, उसमें से किसी पीड़ित व्यक्ति द्वारा इसके संबंध में विरोध या शिकायत दर्ज कराई गई हो।
इस प्रकार अभियुक्तओं के विरुद्ध प्रथम दृष्टया कोई भी मामला बनता प्रतीत नहीं होता है। उन्होंने विवेचक की ओर से प्रस्तुत किए गए रिमांड प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। मामला रामपुर थाना क्षेत्र का है।
विज्ञापन


मामले के अनुसार रामपुर थाना में धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत अमित कुमार पुत्र सुनील कुमार निवासी मीरपुर मझौवा थाना रामपुर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। मामले में हरिवंश पास्टर पुत्र रामदेनी निवासी खैरा मुहम्मदपुर पवनी, कोतवाली घोसी और सुनील चौहान पुत्र सूर्यभान चौहान निवासी कुतुबपुर थाना रामपुर को नामजद किया गया था।
मामले के विवेचक यशवंत सिंह ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड के लिए कोर्ट में प्रेषित किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रिमांड पर अभियोजन व आरोपियों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद पुलिस की ओर से आरोपियों का रिमांड स्वीकृत करने के लिए दी गई अर्जी को निरस्त कर दिया। तथा दोनों को निजी मुचलके एवं अंडरटेकिंग दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें