नगर क्षेत्र के सदर चौक पर सोमवार की रात जिला ताजिया समिति के तत्वावधान में हजरत अली की जयंती पर जश्न-ए फातहा खैबर यौमे अली मनाया गया।। इसने मौलानाओं ने तकरीर की। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। सोमवार देर रात तक कार्यक्रम चला।
हजरत मौलाना तहरीर अहमद ने कहा कि मुसलमानों को मौला अली के बताये हुए रास्ते पर चलना चाहिए। हजरत अली के आंखों की ठंडक नमाज है। उन्होंने कहा कि आज से 1400 वर्ष पूर्व हजरत अली खानये काबा में पैदा हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान को बुरी आदतों से तौबा करना चाहिए।
किसी पर भी बुरी नियत और नजर नहीं रखना चाहिए। यह सब गुनाह है। ऐसा करने वालों को अल्लाह हमेशा उनके गुनाह की सजा देता है। अपने धर्म के प्रति हमेशा वफादार होना चाहिए।
कार्यक्रम में शासर अफजाल इब्राही ने हजरत अली के शान में कसीदा पढ़ा। वहीं, बुलबुले बागे तरन्नुम गुलाम रब्बानी ने कहा कि जंग हि मकसूद होती शेरे हैदर को अगर एक हि बच्चा था काफी सारे लश्कर के लिए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य रुपप से समिति के अध्यक्ष शफगत तकी, महामंत्री मकसूद खां, जावेद अख्तर, फहीम खां, जावेद हसन, लइकुर्रहमान फारुकी, महमूद खां, नूर आलूम, इमाम अली, आदि मौजूद रहे।