फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: कागज में फ्री दिखाकर प्लास्टर के नाम वसूली

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। जिला अस्पताल में कर्मचारी जहां मरीजों का शोषण कर रहे हैं, वहीं अस्पताल को भी चपत लगा रहे हैं। कागज में फ्री दिखाकर प्लास्टर और ईसीजी के नाम पर मरीजों से वसूली की जा रही है। यह हम नहीं बल्कि मरीज ही कह कर रहे हैं। गत दिनों बाएं हाथ में दिक्कत होने पर प्लास्टर कराने पहुंचे एक मरीज से कर्मचारी ने सुविधा शुल्क वसूला। मरीज ने मौके पर चुप्पी साध ली, लेकिन बाद में इसकी शिकायत जिम्मेदारों से की। यह कहानी जिला अस्पताल के ट्रामा विंग में पहुंचने मरीजों की है। अस्पताल प्रशासन ने एक प्लास्टर का 267 रुपये शुल्क रखा है, जिसकी मरीज को पर्ची लेनी होती है। लेकिन अस्पताल में नियमों को दरकिनार कर बिना पर्ची के ही मरीज को प्लास्टर लगा वसूली की जाती है। कर्मियों की इस कारस्तानी से अस्पताल प्रशासन को रोज एक हजार रुपये का चूना भी लग रहा है। वही अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि कर्मियों का बाहर से कुछ चिकित्सकों से भी सांठगांठ है, वहां से भी मरीज लाकर प्लास्टर कर दिया जाता है। जिले के कोपागंज ब्लाक के मीरपुर गांव के अंगरौला निवासी प्रेमा ने बताया कि बीते दिनों उसकी बेटी सविता के हाथ में चोट लगने से वह उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल आई थी। यहां वहां डाक्टर से परामर्श पर एक्सरे कराया, जहां इसमें प्लास्टर लगाने की सलाह डाक्टर ने दी। जिसके बाद वह अपनी बेटी को लेकर अस्पताल के ट्रामा विंग में पहुंची, जहां तैनात कर्मी ने प्लास्टर का शुल्क न जमा कर बैक डोर से 200 रुपये लेकर प्लास्टर लगा दिया। वहीं, समाजसेवी छोटेलाल गांधी का कहना है कि अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही बरती जाती है। इसको लेकर कई बार अस्पताल प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है। अब प्लास्टर के नाम पर वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। जिसको लेकर वह इस संबंध में खुद प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों से शिकायत करने की योजना बना रखे हैं। सीएमएस डाॅ. एपी गुप्ता का कहना है कि मरीजों का प्लास्टर और ईसीजी फ्री दिखाकर रुपये वसूलने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। शिकायत मिलने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें