कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य एवं जिला टास्क फोर्स समिति की मासिक समीक्षा बैठक को संबोधि
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मऊ। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला प्रबंधक का वेतन रोकने का आदेश दिया है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान जन्मजात दोषों वाले बच्चों के चिह्ननीकरण में लापरवाही सामने आने पर उक्त आदेश दिया। डीएम जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला टास्क फोर्स समिति की समीक्षा बैठक कर रहे थे। संस्थागत प्रसव की चर्चा के दौरान महिला चिकित्सालय एवं विकासखंड बड़राव में संस्थागत प्रसव क्रमश: सबसे कम पर होने पर जिलाधिकारी ने सीएचसी बड़रांव के अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महिला चिकित्सालय को फटकार लगाते हुए संस्थागत प्रसव में वृद्धि के निर्देश दिए। जनपद में टीकाकरण कार्यक्रम की ब्लॉक वार समीक्षा के दौरान सभी टीकाकारण कार्यक्रम में विकासखंड दोहरीघाट की स्थिति सबसे खराब होने पर नाराजगी जताई और तीन दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान जन्मजात दोषों वाले बच्चों के का चिन्हीकरण औसत से काफी कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने आरबीएसके जिला मैनेजर का वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आशाओं के भुगतान की स्थिति, लाभार्थियों की प्रसव के सापेक्ष भुगतान, परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा की। वैक्सीन को सुरक्षित तापक्रम पर रखने की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को इस संबंध में पत्र लिखकर एक जांच टीम गठन का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.नरेश अग्रवाल सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।