रतनपुरा में छुट्टा पशुओं से राहगीर परेशान।
- फोटो : File Photo
स्थानीय ब्लॉक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत आसपास के गांवों में छुट्टा पशुओं की बढ़ती संख्या से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सड़कों पर पशुओं के घूमने से हादसे का खतरा बना रहता है, वहीं खेतों में घुसकर पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद छुट्टा गोवंश को पशु आश्रय स्थलों में भेजने की प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। स्थानीय बाजार और आसपास के गांवों में पशुओं के झुंड के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। वाहन चालकों को पशुओं से बचकर निकलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं, किसान फसलों को बचाने के लिए रात में खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। दीनानाथ, मंगेशकर चौहान, वीरेंद्र कुमार, अमरनाथ, रामनिवास और मिथिलेश कुमार ने आरोप लगाया कि छुट्टा पशुओं को पकड़ने का अभियान कागजों तक सीमित है। शासन के निर्देश के बावजूद जिम्मेदार केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। इस संबंध में एडीओ पंचायत रविंद्र यादव ने बताया कि संबंधित सचिव से रिपोर्ट मांगी गई है। औचक निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।