फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरु मनुष्य के जीवन को ज्ञान से करता है प्रकाशित

Wed, 23 Dec 2015 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मऊ।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर स्थित शीतला माता धाम परिसर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ व रामकथा में अयोध्या से पधारे गोविंद दास शास्त्री ने कहा कि गुरु से कपट और मित्र से चोरी करने वाला व्यक्ति सुदामा का भांति दरिद्र हो जाता है।
विज्ञापन


गुरु मनुष्य के जीवन को अपने ज्ञान के माध्यम से प्रकाशित करता है। हनुमान जी के महिमा का बखान करते हुए कहा कि वे रामचरन अनुरागी तथा महानता की प्रतिमूर्ति है। वे बलवान रहते हुए सदैव विस्मरण में रहते हैं।

 श्री हनुमान के जन्म की कथा बताते हुए कहा कि मंद व दोदरी नामक दो संतों द्वारा अभिशप्त मेढकी के आशीर्वाद से महर्षि गौतम द्वारा अपनी पुत्री अंजनी को श्राप देने, कर्ण के माध्यम से मां अंजनी के मां अंजनी के गर्भ से उत्पन्न हुए।  इस प्रकार  शंकर सुवन केशरी नंदन कहलाए।
विज्ञापन


आधुुनिक काल में मोबाइल व मुंह ढंककर लड़कियों के चलने का विरोध करते हुए कहा कि यह सदाचार व शिष्टाचार के विपरीत है। इन्हीं सब कारणों से समाज का ताप बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें