फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेकियों और बरकतों का महीना है रमजान: मोहम्मद इफ्तेखार अहमद

विज्ञापन
विज्ञापन
घोसी। स्थानीय नगर के मदापुर समसपुर निवासी मौलाना मोहम्मद इफ्तेखार अहमद ने कहाकि रमजान का महीना नेकियों एवं बरकत को कमाने (प्राप्त करने )का महीना होता है। इस माह में नमाज,तरावीह एवं नफ्र सहित धार्मिक कार्यों के नियमानुसार निभाने से 70 गुना शबाब मिलता है। इस महीने में कुरान की तिलावत करना भी पुण्य का कार्य है। इस महीने में रात शब्र कदर है ,जो हजार महीनों से बेहतर है।इसलिए रोजेदारों को चाहिए कि इस पाक महीने में अपना कीमती समय निकाल कर अल्लाह की इबादत में लगायें। कहा कि रोजा हमें रूहानी ताकत देने साथ ही बुराइयों से बचा कर दूर रखता है।रोजा किसी कौम या मजहब का नहीं होता है इसे कोई भी इंसान साफ नीयत से रख सकता है और अल्लाह से अपनी मुरादें मांग सकता है । अल्लाह उसकी मुरादें जरूर पूरी करता है। रोजेदार केवल मुसलमान ही नहीं बल्कि सभी लोगों के साथ आपसी भाई चारे के साथ समरसता का संदेश देता है। जिसकी अहम भूमिका रोजा इफ्तार पार्टी निभाती है क्योंकि इससे आपसी दुराव व मनमुटाव समाप्त होता है। इसलिए सभी लोग एक दूसरे से मिलकर आपसी भाई चारगी को बढ़ाने का कार्य करें। बीमार, काफी बुजुर्ग एवं बच्चे रोजा रखने से परहेज करें क्योंकि इस उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता बहुत कमजोर होती है ,जिसके कारण आपका जीवन संकट में पड़ सकता है।रोजा रखते समय धार्मिक नियमों का पालन जरूरी है।रोग प्रतिरोधी क्षमता बनाये रखने के लिए समय समय पर अन्न एवं जल सहित पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता होती है।तरावीह की नमाज व अन्य धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित समय पर निर्धारित स्थान पर नियमानुसार करने साथ ही गरीबों की मदद के लिए समर्पित होना चाहिए ।अपनी आमदनी के अनुसार गरीबों को जकात एवं खैरात भी देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें