पुरानी पेंशन बहाली को लेकर प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार आंदोलन के क्रम में तीसरे दिन राज्यकर्मचारियों तथा शिक्षकों ने सदर तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। साथ ही न्यू पेंशन स्कीम का पुतला फूंका।
पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रांतीय पर्यवेक्षक मनोज पांडेय ने कहा कि जब महज 62 घंटे काम करने से राजनीतिक व्यक्ति को आजीवन पेंशन मिल सकती है तो 62 वर्ष तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को पेंशन क्यों नहीं मिल सकती। कहा कि अभी तो आंदोलन का आगाज है यदि मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी क्रम में कृष्णानंद राय ने कहा कि बिना पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कराए आंदोलन वापस नहीं होगा। चाहे जो कुर्बानी देनी पड़े। कर्मचारी शिक्षक अधिकारी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पेंशन हमारे बुढ़ापे का सहारा है इसकी आवश्यकता होती है जब कर्मी सेवानिवृत होता है। उस समय राजकीय सेवक तो शारीरिक रुप से तथा मानसिक रुप से कमजोर हो जाता है। कहा कि गत लोकसभा चुनाव में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सरकार बनने पर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वायदे को पूरा नहीं किया जा सका।
धरना के बाद कर्मचारी शिक्षकों ने न्यू पेंशन स्कीम का पुतला भी फूंका। धरना स्थल से राज्यकर्मचारियों तथा शिक्षकों ने सदर तहसील परिसर से रैली निकाली। रैली तहसील परिसर से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंची। राज्यकर्मचारियों तथा शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस अवसर पर रामाश्रय यादव, टीएन चौहान, शैलेंद्र प्रताप सिंह, विवेकानंद गुप्त, सहजानंद सिंह, विद्यासागर मिश्र, ओंकरनाथ यादव, गांधी पांडेय, सतीश चंद यादव, रामअशीष यादव, शैलेश कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
वहीं, दुबारी संवाददाटा के अनुसार पुुरानी पेंशन बहाली को लेकर तीसरे दिन राज्य कर्मचारियों तथा शिक्षकों ने शुक्रवार को राम सुंदर पांडेय सर्वोदय इंटर कालेज गजियापुर के प्रांगण में धरना प्रदर्शन किया। धरने में गिरीश नारायण सिंह, लल्लन सिंह, नरेंद्र सिंह, योगेंद्र नाथ टंडन, श्रीनिवास मौर्य, जयकरन यादव, बृकेश चंद्र आदि शामिल रहे।