मऊ। कोरोना संक्रमण के रोकथाम में प्रशासन के साथ रेलवे भी अपना महत्वपूर्ण सहयोग दे रहा है। वर्तमान में मऊ जंक्शन के प्लेटफार्म दो पर खड़ी 12 कोच की आईसोलेशन कोच इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। वर्तमान में जिला प्रशासन ने इसमें 32 लोगों को आईसोलेट किया है। साथ ही इनकी चिकित्सीय सुविधा के लिए हर समय एक मेडिकल टीम मौजूद रह रही है।रेलवे के आईसोलेशन कोच में संदिग्ध मरीजों को आईसोलेट करने वाला मऊ जंक्शन पहला स्टेशन है।
वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्वोत्तर रेलवे के 14 स्टेेशनों पर रेलवे कोच कोविड केयर सेंटर लगाये जाने की मांग की थी। जिस पर मऊ जंक्शन के साथ गोरखपुर, वाराणसी सिटी, गोडा, बरेली सिटी, मंडुवाडीह, बलिया, मऊ, गाजीपुर सिटी, आजमगढ़, नौतनवा, फर्रूखाबाद, भटनी (02 रेक-01 रेक देवरिया सदर) बहराईच, कासगंज पर पर 12 कोच वाले आईसोलेशन कोच का रेक भेजा गया है। वर्तमान में केवल मऊ प्रशासन ने स्टेशन पर खड़े कोच में 32 मरीजों को रखा गया है। बताते चले कि जिला प्रशासन द्वारा आईसोलेशन कोच का प्रयोग करने पर गत दिवस रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने इस जानकारी को ट्वीट कर जानकारी दी है।
बेहतर तालमेल की मिसाल बन रहा है मऊ जंक्शन
मऊ।आईसोलेशन कोच में भर्ती संदिग्ध मरीजों के चिकित्सीय व्यवस्था की जिम्मेेदारी जिले के स्वास्थ्य विभाग की है। विभाग ने इसके लिए एक एक मेडिकल टीम लगा रखा है, जिसमें 24 घंटे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के देखरेख में जुटे है। वहीं रेलवे द्वारा इन मरीजों के सुरक्षा एंव उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो उसके लिए 24 घंटे निगरानी के लिए तीन शिफ्ट में आरपीएफ जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही रेलवे द्वारा कोच के बाहर तथा स्टेशन पर सैनिटाइज कराया जा रहा है तो जिला प्रशासन की तरफ नगर पालिका की टीम कोच के अंदर पीपीई किट पहनकर रोजाना कोच को सैनिटाइज कर रही हैं।