सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी में हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करतीं आशा और संगीनी।संवाद
घोसी। घोसी सीएचसी पर उत्तर प्रदेश आशा एवं आशा संगिनी वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर बुधवार को आशा बहु संगिनी का धरना-प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार से राज्य कर्मचारी का दर्जा, निश्चित मानदेय, लंबे समय से रुके हुए भुगतान की मांग की। आशा बहु संगिनी ने कहा कि अगस्त, सितंबर और अक्तूबर का मानदेय अब तक नहीं मिला है। इसके अलावा आभा कार्ड, आयुष्मान कार्ड और टीबी आई कार्यक्रमों का भुगतान भी लंबित है। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें न तो नियमित मानदेय मिलता है, न ही स्थायी सुविधा। उन्होंने मांग की कि एकमुश्त मानदेय 22 हजार रुपये किया जाए, टीबी कार्यक्रम का पैसा नियमित दिया जाए, दुर्घटना बीमा की सीमा दो लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाए, राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए। ताकि उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। यह भी आरोप लगाया कि कई बार ज्ञापन और मांग पत्र देने के बावजूद प्रशासन ने अब तक उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगे नहीं मानी जातीं आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष रेनू भारती, पूनम देवी, कमला देवी, इंद्रलेश, रिजवाना, चंदा देवी, नीलम सिंह, होशिला, मीरा, लल्ली देवी, कौशल्या, शांति, कमला, पिंकी आदि रहीं।