उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने कहा कि प्रदेश लाखों बेसिक शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण शासन प्रशासन की ओर से नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा गया लेकिन समस्याओं का समाधान कराने की दिशा में प्रयास तक नहीं किया जा सका है। कहा कि पुरानी पेंशन योजना को लागू कराने के लिए गत सात दिसंबर को लखनऊ में शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों के ऊपर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने की घटना की जितनी निंदा की जाए कम ही है। घटना के दो हफ्ता बीत जाने के बाद भी न तो मृतक आश्रितों को मुआवजा दिया गया और न ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रदेश के बेसिक शिक्षकों को केंद्र के समान वेतन, भत्तों सहित सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन का भुगतान दिसंबर 2016 के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से कई बार शासन स्तर पर हुई वार्ता में सहमति बनी लेकिन सरकार की ओर से शासनादेश लाने में हीलाहवाली की जा रही है। हमें एकजुट होकर शासन व सरकार के विरुद्ध संघर्ष करने की जरूरत है। शिक्षकों को एक मंच पर एकजुट होने का आह्वान किया। इसी क्रम में मंत्री अखिलेश्वर शुक्ल ने कहा कि पंचम वेतनमान के छठें वेतनमान में आने पर प्रदेश के समस्त कर्मचारियों के सामूहिक बीमा में वृद्धि का प्रस्ताव वर्षों से सचिवालय में लंबित है। प्रस्ताव लंबित रखने वालों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए सामूहिक बीमा में वृद्धि के आदेश निर्गत किया जाए। शिक्षक नेता प्रवीण राय ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। धरने को विजय कुमार सिंह, शाहनवाज, अफजाल अहमद, सूर्यभान शर्मा, ओमप्रकाश शुक्ल, जगदीश गौतम, रणवीर सिंह, रामजतन राम, नित्यप्रकाश यादव आदि ने संबोधित किया। धरने में राशिद जमाल, अभिषेक राय, इलियास अहमद, जगदीश गौतम, नित्यप्रकाश, अजय राय, प्रेमचंद, शिवानंद राय, रामकेर यादव, जयशंकर यादव, ब्रह्मानंद राय, मनमोहन पांडेय आदि शामिल रहे।