विकास खंड क्षेत्र के कटघराशंकर में पानी आपूर्ति ठप होने से नाराज गांव वालों ने खाली बाल्टियां लेकर प्रदर्शन किया। गांव में लगे सारे हैंडपंप वाटश्र लेबिल नीचे खिसक जाने से पहले से बंद हैं।नलकूप में खराबी आ जाने से एक मात्र सहारा रही वाटर सप्लाई भी पिछले छह दिनों से बंद है। गांव वालों ने जलापूर्ति शीघ्र बहाल करने की मांग किया है।
कटघराशंकर गांव और आस पास के क्षेत्र में तेजी के साथ नीचे भागते जल स्तर के चलते हैंडपंप बेकार हो गए हैं। जिले में हुई हल्की फुल्की वारिश से जलस्तर में कोई खास सुधार नहीं हुआ । लगभग 900 की आबादी वाले कटघराशंकर गांव के लोग पानी के संकट से जुझ रहे हैं।
यहां पानी के लिए ग्रामीणो को काफी मशक्त करनी पड़ रही है। दैनिक कार्यो के लिए मात्र जल निगम की वाटर सप्लाई ही एक मात्र सहारा रह गया था, वह भी एक सप्ताह से बन्द है। विभागीय कर्मचारी गांव वालों की इस समस्या की तरफ से संवेदनहीन बने हुए हैं। जल समस्या का समाधान नहीं होने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने जल निगम के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खाली बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया तथा शीघ्र ही जल आपूर्ति बहाल कराने की मांग किया।
यहां की महिलाओं को काफी दूरी से बाल्टियों में पानी भर कर लाना पड़ रहा है, जिससे इनके दैनिक कार्यो को करने का आधा समय पानी ढोने मे चला जा रहा है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री कृष्ण मोहन मल्ल, लक्ष्मण दुबे, राजेन्द्र मल्ल, मु. शहीद ने बताया कि पानी की समस्या के समाधान के लिए जल निगम को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन ठंडे बस्ते में डाल दिया गया परेशान लोगो ने लचर प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जल आपूर्ति ठीक कराने की मांग कर रहे थे।