मऊ। पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर विभागीय कार्य किया। शाम पांच बजे कार्यालय बंद होने के बाद सहादतपुरा स्थित अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल हाइडिल कॉलोनी में विरोध प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल बिजली निगम के निजीकरण के निर्णय को वापस लेने की मांग को दोहराते हुए कहा कि निजीकरण किसी भी तरह से कर्मचारियों के हित में नहीं है। कहा कि निजीकरण का प्रतिगामी निर्णय वापस होने तक संघर्ष को लोकतांत्रिक ढंग से जारी रखेंगें। कहा कि निजीकरण के लिए ट्रांजेक्शन कंसलटेंट नियुक्त करने के जारी आरएफपी डॉक्यूमेंट में अर्ली बीआरएस का उल्लेख किया है। जबकि बीआरएस 30-35 साल के नौकरी वाले कर्मचारियों के लिए होता है। अर्ली बीआरएस से ऐसा प्रतीत होता है कि बहुत कम सर्विस वाले कर्मचारियों की निजीकरण के बाद छुट्टी की जाने वाली है। कर्मचारियों और अभियंता की व्यापक छंटनी होने वाली है। प्रदर्शन करने वालों में सूर्यदेव पांडेय, रघुनंदन यादव, राजनाथ यादव, पतिराम, सुशील, जमुना प्रसाद, ओपी कुशवाहा, धर्मेंद्र निगम, नीरज कुशवाहा, आशुतोष त्रिपाठी, अमित शहगल, विजय गोड़, रमाकान्त, कन्हैया प्रसाद, मुकेश, अवनीश, श्यामसुन्दर, प्रदीप राय, गुलाब, संदीप, अशोक चैहान, आलोक, नमन, रवीश, ओमप्रकाश शामिल थे।