मऊ। पावर कारपोरेशन के निजीकरण किए जाने के विरोध में आंदोलित कर्मचारियों ने शुक्रवार को 18वें दिन अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विरोध जारी किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के साथ जूनियर इंजीनियर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे। इस दौरान सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया।
कार्यक्रम के संयोजक सूर्यदेव पांडेय ने कहा की प्रदेश मे निजीकरण का प्रयोग आगरा तथा नोएडा में पहले ही विफल हो चुका है। बोले कि आज भी दक्षिणांचल बिजली निगम महंगे दर पर बिजली खरीद कर टोरेंट पावर कंपनी को सस्ती दर पर बिजली की आपूर्ति करने का काम कर रहा। जिसके कारण बिजली निगम को प्रत्येक वर्ष 162 करोड़ रूपये का वार्षिक नुकसान हो रहा है।
इसके बावजूद प्रदेश सरकार/शीर्ष ऊर्जा निगम प्रबंधन चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजी हाथो में देने का फैसला लिया गया है। जो पूरी तरह से न तो प्रदेश के हित में है न ही उपभोक्ताओं के हित में है न तो कर्मचारीयो के हित में है। निजीकरण के जनविरोधी, कर्मचारी विरोधी फैसले को संगठन किसी कीमत पर मानने को तैयार नही है। इस मौके पर रविंद्र सिंह यादव, ई.मनोज शाह, संजय कुमार, रघुनंदन यादव, जयप्रकाश यादव, श्रीनिवास यादव, महेंद्र राय, अमित, राजशरण,सुनील आदि मौजूद रहे।