ईरान और इस्राइल- अमेरिका युद्ध के कारण बने अस्थिरता के माहौल, कच्चे माल की कीमतों में उछाल और गैस की किल्लत ने दोना, पत्तल और गिलास के बाजार पर असर डाला है।
डिस्पोजेबल उत्पादों की कीमतों में पिछले डेढ़ महीने में 15 से 25 फीसदी तक की वृद्धि हुई है, जिससे शादी वाले घरों की दावत का खर्च बढ़ गया है। सहालग का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में बाजारों में भले ही रौनक दिखाई दे रही है, लेकिन सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं।
कच्चे माल का आयात प्रभावित होने से प्लास्टिक के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बढ़ती कीमतें ग्राहकों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। दावतों और आयोजनों में उपयोग होने वाले प्लास्टिक गिलास, प्लेट, कटोरी और चम्मच के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है।
दुकानदार राजेश गुप्ता का कहना है कि उन्हें थोक बाजार से ही सामान महंगा मिल रहा है। व्यापारी शशिकांत सिंह ने बताया कि युद्ध के चलते प्लास्टिक के लिए आवश्यक कच्चा माल नहीं आ पा रहा है।
पहले 20 रुपये में मिलने वाला प्लास्टिक गिलास का पैकेट अब 35 रुपये का हो गया है। थाली का पैकेट 65 रुपये से बढ़कर 100 रुपये तक पहुंच गया है। प्लास्टिक गिलास के पैकेट में भी 60 प्रतिशत तक का उछाल आया है। दोना, कटोरी और चम्मच के दामों में बढ़ोतरी होने से आम आदमी को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
विपिन सिंह ने बताया कि दोना व प्लेट के पैकेट, जो पहले थोक में 40 से 50 रुपये के मिल जाते थे, अब उनकी कीमत 60 रुपये के पार पहुंच गई है। इस महंगाई के कारण व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
व्यापारियों के अनुसार डिस्पोजेबल गिलास और दोना-पत्तल बनाने में इस्तेमाल होने वाले पॉलिमर, प्लास्टिक दाना और विशेष पेपर की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों में 15 से 25 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।
कच्चे तेल की आपूर्ति शृंखला प्रभावित होने के कारण यह महंगाई बढ़ी है, क्योंकि अधिकांश डिस्पोजेबल आइटम पेट्रोलियम उत्पादों (उप-उत्पाद) से बनते हैं। इसके अलावा मालभाड़े में भी इजाफा हुआ है।