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बिजली आपूर्ति व्यवस्था होगी जल्द निजी हाथ में

Sun, 04 Feb 2018 11:24 PM IST
mau news
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मऊ। शासन की मंशा पर जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था जल्द की प्राइवेट संस्था के हाथ होगी, इस दौरान सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्राइवेट संस्था का होल्ड होगा। जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्राइवेट सेक्टर के हाथों जाने के कारण से विभाग बहुत वाकिफ तो नहीं, लेकिन कयासों में बताया कि हर माह होने वाली तीस फीसदी बिजली चोरी रोकना इसका मुख्य कारण हो सकता है।
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 करीब 23 लाख आबादी वाले जिले में जिले में दो लाख चालीस हजार उपभोक्ता है। जिनकी बिजली बिल जनरेट होती है। दन उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति मुहैया कराने के लिए पचास बिजली घर स्थापित किया गया है। इसमें 33/11 के 45, चार सौ केवी का एक और 132 केवी के चार उपकेंद्र स्थापित है। इसके अलावा 33/11 केवी का चार उपकेंद्र निर्माणाधीन है। विभागीय आंकड़े पर एक नजर डाले तो जिले में इन उपकेंद्रों के जरिए प्रति माह प्रतिमाह सौ मिलीनियम यूनिट बिजली की खपत होती है। लेकिन बिल महज 70 युनिट मिलीनियम की जनरेट हो पाती है। ऐसे में प्रतिमाह 30 मिलीनियम युनिट बिजली की चोरी प्रति माह होती है। इसके अलावा जनरेट होने वाले बिल को भी उपभोक्ता समय से जमा नहीं करते है। इस तरह से विभाग का करीब 200 करोड़ रुपया उपभोक्ताओं के यहां बकाया भी है। जिले में मौजूद दो लाख चालीस हजार उपभोक्ताओं में उद्योग तो बहुत कम है। लेकिन 31 हजार कनेक्शन बुनकरों के नाम से है, जिनका बिल सब्सिडी के तहत जनरेट होता है। इसके अलावा पावर उपभोक्ताओं में सबसे ज्यादा नलकूप के उपभोक्ता है, जिले में प्राइवेट नलकूप के नाम से 21 हजार कनेक्शन है। इन दोनों उपभोक्ताओं के जरिए जिले में ज्यादा बिजली की खपत होती है।
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सदी ही वसूली हो पाती है। हालांकि वर्तमान समय में प्राइवेट संस्था के साथ विभाग के कर्मचारी भी राजस्व वसूली का काम करते है।
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