घोसी नगर पंचायत के मदापुर समसपुर बैसवाड़ा में सड़क किनारे लगा बिजली पोल का निचला सतह झड़ा हुआ मिला।वहीं यही स्थिति अमिला नगर पंचायत अमिला के पठान टोला समेत सदर बाजार की करीब आधा दर्जन गलियों कोट मोहल्ला, डाकखाने के समीप, पश्चिमी चौक आदि जगहों पर दो दर्जन से अधिक लोहे के विद्युत खंभे जर्जर हो चुके हैं। खंभों में जगह-जगह जंग लगने के साथ ही उनकी स्थिति कमजोर हो गई है, जिससे कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है।जर्जर खंभों के बावजूद इन्हीं के सहारे विद्युत आपूर्ति जारी है, कुछ खंभों पर बिजली विभाग की ओर से खंभों को सुरक्षित रखने के लिए लोहे का एंगल लगाकर वेल्डिंग गई है। वहीं कई जर्जर खंभों के निचले हिस्से को सीमेंट और बालू से फाउंडेशन बनाकर ढक दिया गया है।
मानसून में जर्जर खंभे बन सकते हैं हादसे का सबब
जिला अस्पताल कॉलोनी निवासी अविनाश सिंह, अमिला निवासी सुनील , निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले निवासी विनोद पांडेय आदि ने बताया कि जर्जर खंभों को बदलने के लिए बिजली निगम से बार-बार मांग की है।इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह स्थिति मानसून के दौरान और भी खतरनाक हो जाती है। तेज हवा और बारिश से इन खंभों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। लोहे के ये खंभे अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। इनकी वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। राहगीरों और वाहनों के लिए ये खंभे लगातार खतरा बने हुए हैं। बिजली निगम की यह अनदेखी लोगों की जान जोखिम में डाल रही है। ऊर्जा मंत्री के अपने जिले में ऐसी स्थिति होना चिंताजनक है।
लोगों की प्रतिक्रिया
जर्जर लोहे के खंभा को बदलने को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं, आश्वासन तो मिलता है लेकिन यह खंभा पिछले कई माह से इसी अवस्था में पड़ा हुआ है। किसी दिन यह हादसे का सबब बनेगा उसके बाद जिम्मेदारों की चेतना टूटने के बाद ही यह समस्या का निस्तारण होगा। -जितेंद्र प्रसाद चक भीखमपुर
नगर क्षेत्र में जर्जर खंभों के सहारे बिजली आपूर्ति होने से हर समय हादसे का डर बना रहता है। विभाग की ओर से एंगल लगाकर वेल्डिंग तो कराई गई है। लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। बारिश और तेज हवा में खंभा गिरने की आशंका बनी रहती है। जिम्मेदारों को जल्द से जल्द जर्जर खंभों को बदलकर नए खंभे लगाने चाहिए। -सुरेंद्र यादव, अमिला नगरवासी
अधिकारी बोले
मामला बेहद गंभीर है, लेकिन मैंने आज ही कार्यभार संभाला है। इसको लेकर तीन डिवीजनों में इस तरह के खंभे को चिहिन्त कराने का काम किया जाएगा। -बीपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, मऊ