नगर के फातिमा मोड़ स्थित कांशीराम आवास के पास फैला तारों का जंजाल।संवाद
- फोटो : ट्रामा सेंटर में सांप पकड़ता युक। संवाद
मऊ। मऊ शहर और 10 नगर पंचायतों की संकरी गालियों में बिजली के तार और केबल के मकड़जाल से खतरा बढ़ता जा रहा है। शाॅर्ट सर्किट से आग लगने पर काफी संख्या में लोग इसकी जद में आ सकते हैं।
शनिवार को इन्हीं तारों की वजह से शॉर्ट सर्किट से लगी आग कुर्थीजाफरपुर स्थित अस्पताल के अंदर पहुंचकर आग का गोला बन गई थी। गमीनत थी कि उस समय अस्पताल में केवल संचालक और दो कर्मचारी मौजूद थे। सामान बचाने व आग बुझाने में तीनों झुलस गए थे।
हालांकि 20 मिनट बाद फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग पर काबू पा लिया था। इस तरह की घटना के बाद जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने व्यावसायिक भवनों की जांच शुरू की। कुछ को नोटिस जारी किया गया तो कुछ सील किए गए, लेकिन अफसरों का ध्यान इन घटनाओं के कारण पर नहीं गया। शनिवार की रात कुर्थीजाफरपुर नगर पंचायत में आग लगने की घटना के बाद संवाद न्यूज एजेंसी की टीम रविवार को मऊ शहर के भीटी, अली बिल्डिंग, सदर चौक बाजार, मिर्जाहादीपुरा और अन्य मुहल्लों में पहुंची। घोसी, कोपागंज, मधुबन, वलीदपुर, मुहम्मदाबाद गोहना, चिरैयाकोट, दोहरीघाट और अदरी नगर पंचायत में तारों के मकड़जाल की खोज में पहुंची। कुर्थीजाफरपुर में आग लगने की घटना वाले अस्पताल से 20 मीटर दूर ही ट्रांसफॉर्मर के पास लगे खंभे पर करीब 100 अलग अलग केबल लगी थी, जिनसे घरों में कनेक्शन लिए गए थे। वहां से करीब 700 मीटर दूर अंदर कस्बा में घरों की छत से छूते हुए करीब 25 घरों की केबल अस्त-व्यस्त एक ही जगह टंगे हुए थे।
अस्पताल के पास शॉर्ट सर्किट से करीब 20 घरों की केबल टूटकर लटक रही थी। मऊ में भीटी मुहल्ले में, अली बिल्डिंग और सदर चौक के अलग-अलग मुहल्लों में तारों का मकड़जाल बड़े हादसे की घंटी बजा रहे हैं। वलीदपुर नगर पंचायत के मुहल्लों में भी तारों के गुच्छे दिखे। लोगों ने बताया कि गर्मी में रोज किसी न किसी के घर का तार पिघलने से टूटकर गली में गिरा रहता है। लाइनमैन को वो तार ढूंढने में घंटों लग जाते हैं। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता मागेंद्र कुमार का कहना है कि आबादी के आसपास सभी खंभों पर डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स लगाए गए हैं। जिसमें घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए केबल लगाए जाते हैं। यदि कहीं पर भी सीधे खंभे से कनेक्शन है तो स्थानीय टीम द्वारा जांच कराई जाएगी और तार हटवाए जाएंगे। एक साथ अधिक तार होने से शॉर्ट सर्किट की आशंका बनी रहती है।