जिले में बिजली संकट गहराता ही जा रहा है। अघोषित बिजली कटौती से नगर में घंटों बिजली गुल रही। शहर में जहां बुनाई कारोबार दम तोड़ रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेेती किसानी पर असर पड़ रहा है। रात के समय भी बिजली बदहाली के चलते लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं।
बिजली कटौती से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति दिन ब दिन दयनीय होती जा रही है। मांग के अनुरूप बिजली न मिलने से लाखों रुपये का प्रतिदिन नुकसान उठाना पड़ रहा है। आपातकालीन कटौती, नियमित रोस्टिंग से लेकर, शट डाउन, ब्रेक डाउन, ट्रिपिंग ने साड़ी उद्योग की कमर ही तोड़ दी है। बुनकरों को परिवार का खर्च चलाना तो दूर अपना खर्च चलाना भारी पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति की दयनीय स्थिति से कारोबार चौपट होने के कगार पर है।
इस संबंध में व्यापारी नेता गोपाल कृष्ण बरनवाल, कमरुज्जमा, व्यापारी नेता सुरेश कल्यानिया का कहना था कि नगर में 22घंटे के सापेक्ष लगातार 10 घंटा भी बिजली नहीं मिल पा रही है। कम बिजली मिलने से बुनाई कारोबार आखिरी सांस गिन रहा है। रात के समय भी बिजली अप डाउन होने से लोग रात में चैन से सो नहीं पा रहे हैं। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
उधर रतनपुरा, मधुबन, बढुआगोदाम सहित ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। धान की नर्सरी का पीक आवर चल रहा है। पर्याप्त बिजली न मिलने से सिंचाई के अभाव में धान के नर्सरी सूख रही है। इस बाबत अधीक्षण अभियंता एमके अग्रवाल का कहना था कि कंट्रोल रुम से कम बिजली मिल रही है। शीघ्र ही आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो जाएगा।
रानीपुर संवाददाता के अनुसारबिजली कटौती से आजिज लोगों ने रविवार को बक्तावरगंज विद्युत उपकेंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया। नाराज लोगों ने प्रदेश सरकार , बिजली विभाग के अधिकारियों के विरुद्घ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा करके पास के कुर्थीजाफरपुर को बिजली सप्लाई दी जा रही है। लोगों की मांग थी कि शेड्यूल के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों को कम से कम 14 घंटे बिजली दी जाय।
बक्तावरगंज विद्युत उपकेंद्र पर आस पास के क्षेत्रों से काफी लोगसुबह पहुंचे। इन लोगों को शिकायत थी कि सरकार ने गांवों को बिजली आपूर्ति के लिए 14 घंटे का शेड्यूल तय कर रखा है लेकिन बिजली उसकी आधी भी नहीं दी जा रही है। दिन में रोस्टिंग के नाम पर बिजली कटौती की जा रही है जबकि रात में इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर बिजली काट दी जा रही है।
लोगों का कहना था कि रात में बिजली कट जाने से लूम का संचालन ठप हो जा रहा है। बिजली की भारी कटौती से बुनकरों के सामने फांकाकशी की नौबत आ गई है। जबकि नर्सरी डालने से लेकर गन्ना सहित जायद की फसलों की बुुआई सिंचाई के लिए किसानों को बिजली न मिलने से भारी परेशानी हो रही है।
इस भीषण गर्मी में रात में बिजली कट जाने से लोगों की नींद हराम हो जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पास के ही कुर्थीजाफरपुर गांव को इसी उप केंद्र से 20 घंटे बिजली दी जा रही है। यह ग्रामीण क्षेत्रों के साथ सौतेलापन आचरण है। घंटे भर तक नारेबाजी, विरोध प्रदर्शन करने के बाद लोग चेतावनी देते हुए चले गए।