मऊ। कोपागंज ब्लाक के हमीदपुर ग्राम पंचायत में सड़क और गलियों के किनारे घटिया स्ट्रीट लाइटें लगा दी गई थीं। शिकायत मिलने पर अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर मंडलीय उप निदेशक पंचायती राज ने मौके पर जाकर स्थलीय जांच किया। ग्राम पंचायत में लगाई गई 100 स्ट्रीट लाइटों में दो तिहाई मानक के विपरीत मिलीं थीं। अपर निदेशक की रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ ने गांव के तत्कालीन सचिव को नोटिस जारी करके जवाब मांगा। गरदन फंसती देखकर सेक्रेटरी और प्रधान ने लाइटें बदलवाकर दूसरी लगवा दीं लेकिन गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ल की ओर से 21 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार निदेशक पंचायती राज की ओर से पांच जुलाई 2022 को जारी गाइड लाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों को वित्त आयोग की धनराशि से बजाज, सिस्का, क्रांप्टन, ओरियंट, विप्रो, हैवेल्स और फिलिप्स कंपनियों की ही स्ट्रीट लाइटें लगाने का अनुमादन किया गया है। लेकिन निदेशक के इस आदेश की अनदेखी करके ग्राम पंचायतों में निम्न गुणवत्ता की स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। ऐसी शिकायतें आने पर अपर मुख्य सचिव पंचायती राज के निर्देश पर मंडलीय उप निदेशक आजमगढ़ ने सात जुलाई 2022 को कोपागंज ब्लाक के हमीदपुर ग्राम पंचायत का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्होंने पाया कि गांव में लगी 100 लाइटों में 64 लाइटें फिलीप्स कंपनी की हैं लेकिन इनके असली होने की पुष्टि नहीं हो पाई। इसके अतिरिक्त 36 स्ट्रीट लाइटें क्रिसेंट कंपनी की पाई गईं। यह कंपनी शासन से एप्रूव्ड नहीं है। इन गैर अनुमोदित लाइटों को हटाकर एप्रूव्ड कंपनियों की स्ट्रीट लाइटें लगाने का निदेश सेक्रेटरी और प्रधान को दिए गए। गांव में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों की खरीद अधिकतम तय मूल्य 3870 रुपयों की दर से की गई हैं। गाइड लाइन की अनदेखी करके गांव में स्ट्रीट लाइटों में सेंसर की जगह स्विच लगाए गए हैं। डीपीआरओ ने लिखा है कि शासनादेश में निहित प्रावधानों के विपरीत स्ट्रीट लाइटें लगाकर धन का दुरुपयोग किया गया है। डीपीआरओ ने तत्कालीन सेक्रेटरी जितेंद्र कुमार यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। गरदन फंसती देखकर सेक्रेटरी और प्रधान ने स्ट्रीट बदलवा दी। डीपीआरओ ने आपूर्तिकर्ता ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड करने के लिए पत्र भेजा है। डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल ने बताया कि उपनिदेशक की जांच में अनियमितता मिलने पर सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया गया था। सेक्रेटरी और प्रधान ने मानक के विपरीत लगी स्ट्रीट लाइटों को बदलवा दिया है। आपूर्तिकर्ता ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड करने के लिए नोटिस भेजा गया है।