Mau News : मऊ के कलेक्ट्रेट परिसर में कांग्रेसजनाें और पुलिस के बीच काफी नोकझोंक हुई। अंतत: पुलिस ने अमित शाह का वह पुतला छिन लिया जिसे फूंकने की कोशिश की जा रही थी। कार्यकर्ताओं ने इसके पहले भी जमकर प्रदर्शन किया था।
संसद में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को लेकर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के बाद शुरू हुई विपक्षी दलों की सियासत की आंच तेज हो गई। शुक्रवार को कांग्रेस ने इसे लेकर न केवल गृहमंत्री अमित शाह को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की, साथ ही पुतला दहन करने की कोशिश की।
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गृहमंत्री के पुतला दहने की सूचना पर पहुंची शहर कोतवाली पुलिस से कांग्रेसियों की नोकझोंक हो गई। काफी प्रयास के बाद भी पुलिसकर्मियों के सख्त रवैए के चलते कांग्रेसी अमित शाह का पुतला दहन नहीं कर पाए।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंतेखाब आलम के नेतृत्व में शुक्रवार की दोपहर दो बजे पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे, यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर नारेबाजी करते हुए बयान की निंदा करते हुए इस्तीफा देने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में संविधान निर्माता, वंचितों और अन्य उपेक्षित वर्गों के भगवान डाॅ. भीमराव आंबेडकर के बारे में जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उससे बाबा साहब की गरिमा व अस्तित्व को काफी ठेस पहुंची है। मांग की कि वह अपने कहे गए शब्द को जल्दी ही वापस लेने के लिए कहा है।
नारेबाजी करने के बाद कांग्रेसियों ने गृहमंत्री के पुतला फुंकने की कोशिश की, लेकिन इस बीच, शहर कोतवाल अनिल सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। पुतला दहन मना करने को लेकर कांग्रेसियों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हो गई। लेकिन इस बीच पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर पुतला दहन करने से रोक दिया। इस दौरान पूजा राय, रमन पांडेय, विष्णु कुशवाह, मनोह गिहार, स्वामीनाथ राय, तौसिफ राय आदि कांग्रेसी मौजूद रहे।