मऊ पुलिस लाइन में तैनात आरआई अरुण कुमार सिंह की तहरीर व पुलिस अधीक्षक के आदेश पर धोखाधड़ी के मामले में सिपाही के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि स्थानांतरण कर मऊ आने के बाद ही मजबूरी बताकर एक दिन में लौटाने की बात कहकर पुलिसकर्मी साथियों से 83 हजार रुपये ले लिया। पूर्व में तैनाती वाले जनपदों में भी इसी तरह की शिकायत पर स्थानांतरण हो चुका है।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार इटावा जनपद के यशवंतनगर निवासी गजेंद्र यादव 17 दिसंबर को हाथरस जनपद से स्थानांतरित होकर मऊ आया था। उसकी तैनाती मऊ पुलिस लाइन में की गई थी।
वर्ष 2018 सिपाही भर्ती के दौरान इसकी नियुक्ति हुई थी। इसने लालज देकर पुलिस लाइन में ट्रेनिंग कर रहे सिपाही कौशलानंद पांडेय, धीरज गोड़, पुलिस लाइन में लगी लिफ्ट में काम करने वाले हेमंत पाल, के साथ महेश सिंह और अजीत पांडेय से 83 हजार रुपये ले लिया। धोखाधड़ी की बात पता चलने पर 22 दिसंबर को सभी ने पुलिस अधीक्षक को इस बात से अवगत कराया।
जांच के बाद सिपाही के विरुद्ध सरायलखंसी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक इलामारन जी ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद दोषी पाए जाने पर सिपाही के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले में विवेचना जारी है जो सही होगा उसी आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।