फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईपीएफ मामले में रिकार्ड खंगालने में जुटी पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। शहर कोतवाली स्थित नगर पालिका में तैनात आउट सोर्सिंग के सफाई कर्मचारियों के ईपीएफ घोटाले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस मामले में की जांच में जुट गई है। पुलिस इस मामले में नगर पलिका कार्यालय पहुंची और इस मामले में दस्तावेजों की जांच में जुट गई है। उधर इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद साफाई कर्मचारियों को अपने हक मिलने की उम्मीद तेज हो गई है।देर ही सही लेकिन ठेकेदार पर हुई इस कार्रवाई की चर्चा शनिवार को नगर सहित पूरे जिले में होती रही। शनिवार को विवेचना अधिकारी तथा अपराध निरीक्षक मूलचंद्र चौरसिया ने नगर पालिका के दस्तावेजों की जांच की। जांच टीम की सूचना पर नगर पालिका के कर्मचारी मार्च 2017 से अप्रैल 2018 तक सेवा प्रदाता कंपनी रही सिंह मेसर्स कंस्ट्रक्शन को भुगतान एवं उनसे प्राप्त दस्तावेजों को लेकर पहुंचे थे। दस्तावेजों तथा उनके द्वारा नगर पालिका को दिए गए चालान, रशीद सहित दूसरे दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान जांच टीम ने इस मामले में अधिकारियों तथा कर्मचारियों से भी इस मामले में जानकारी ली। बतातें चले कि सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ने नगर पालिका में सेवा प्रदाता कंपनी मेसर्स सिंह कन्स्ट्रक्शन के प्रोपराइटर दिलीप सिंह उर्फ दीपू पर 285 कर्मचारियों के ईपीएफ घोटाले के मामले में मुकदमा दर्ज कराया। इस बाबत सीओ सिटी धन्नजय मिश्रा ने बताया कि मामले को लेेकर दो टीम गठित की गई है। इस मामले में विवेचना अधिकारी मामले की जांच में जुट गए है। मार्च 2017 से अप्रैल 2018 तक का तीन साल बाद अचानक हुई कार्रवाई को लेकर लोग चर्चा भी करते रहे। नगर पालिका में ठेका पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों का वर्तमान में प्रतिदिन 366 रुपये है, उस हिसाब 10 हजार 980 रुपये है। इसमें 12 फीसदी पीएफ कटता है, वहीं ईएसआई चार फीसदी कटता है। वहीं नगर पालिका द्वारा 13 फीसदी पीएफ जबकि तीन फीसदी ईएसआई के रूप में जमा करती है। वर्तमान में नगर पालिका में स्थायी सफाई कर्मचारियों की संख्या 91, संविदा सफाई कर्मचारियों की संख्या 186 जबकि ठेके पर तैनात सफाई कर्मचारियों की संख्या 475 है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें