सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गैंग बनाकर भय, आतंक और दबंगई का प्रदर्शन करने वाले तत्वों के खिलाफ जिले की पुलिस ने पांच दिवसीय विशेष अभियान ‘ऑपरेशन वज्रपात’ चलाकर बड़ी कार्रवाई की है।
अभियान के तहत जिलेभर में सोशल मीडिया के रंगबाज, बाहुबली, जय महाकाल सहित 29 गैंगों को चिह्नित किया गया, जिनमें 149 नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
एसपी कमलेश बहादुर ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, आपराधिक छवि का प्रचार-प्रसार, युवाओं को गुमराह करने और समाज में भय का वातावरण बनाने वाले तत्वों पर कार्रवाई करना था।
अभियान के दौरान क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों ने बीट पुलिसकर्मियों की मदद से विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप, पेज एवं गैंगों की पहचान की। जांच में ऐसे कई समूह सामने आए जो सोशल मीडिया के माध्यम से दबदबा कायम करने और आपराधिक गतिविधियों का महिमामंडन कर रहे थे।
विशेष अभियान के दौरान 29 गैंग चिह्नित किए गए, जिनके 149 सदस्य पाए गए। इनके खिलाफ 266 प्राथमिकी दर्ज की गईं। इसके अलावा छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा चार पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
एसपी ने जनता से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति या समूह सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करता है या भय का माहौल बनाता है तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय थाने को दें।
सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराध और अराजकता के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसी गतिविधियों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इन प्रमुख गैंग पर पुलिस की विशेष नजर
एसपी ने बताया कि चिह्नित कुछ गैंगों पर पुलिस विशेष निगरानी रख रही है। इनमें वी-9 गैंग, किलर गैंग, मऊ रंगबाज गैंग, 9598 बाहुबली गैंग, 5555 गैंग, 5454 गैंग, एमएसटी 0909 गैंग, 09 गैंग, 0088 गैंग, सरकार 1920 गैंग, बाहुबली अहीरान गैंग, छोटू माफिया 0101 गैंग, 7878 जय महाकाल गैंग, 99 गैंग, 55 गैंग, 10-10 गैंग और 94 गैंग शामिल हैं।
कई गैंग में नाबालिगों की भूमिका
जिले में सक्रिय गैंगों की गतिविधियां शहर कोतवाली, कोपागंज, मुहम्मदाबाद गोहना, रानीपुर, चिरैयाकोट और हलधरपुर क्षेत्रों में अधिक पाई गई हैं। कई गैंगों में नाबालिग सदस्य भी शामिल हैं, जो मारपीट जैसी घटनाओं में संलिप्त रहते हैं। कुछ मामलों में इस तरह की घटनाएं पहले भी कोपागंज, रानीपुर और हलधरपुर क्षेत्रों में सामने आ चुकी हैं। बताया गया है कि कुछ गैंगों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की भी बात सामने आती रही है।