मऊ। कोरोना संक्रमण में महानगरों में रोजी रोटी छोड़ कर अपने घर आए लोगों के लिए जिले में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिधि योजना शुरु की गई। जिसमें 4214 लोगों का पंजीकरण भी किया गया है। योजना में रोजगार करने के लिए जरूरतमंद को दस हजार रुपये का ऋण 12 माह के किस्तों पर उपलब्ध कराया जा रहा। शहरी पथ विक्रेताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना शुरु किया। योजना में जरूरतमंदों को जिले में 12701 लोगों को ऋण देना था, शुरु की गई प्रक्रिया के तहत 4214 का पंजीकरण ऑन लाइन डूडा की तरफ से किया गया। इसमें से 3912 का आवेदन पत्र शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया है। ताकि धनराशि स्वीकृत हो सकें। जिले में यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। योजना के तहत जरुरतमंद को दस हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। जिसे बैंक सात फीसदी ब्याज के साथ 12 किस्तों में वसूलेगा। यदि हर माह समय से ऋण की अदायगी की गई तो कर्ज लेने वाले को ब्याज में सात प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। योजना का उद्देश्य कोई व्यक्ति धन के अभाव में अपना रेहड़ी का कार्य न रोक पाए। प्रदेश सरकार आवेदन फार्म तथा संबंधित बैंक के बन्धक पत्र में भी आवश्यक सहयोग कर रही है, जिससे वेण्डर्स दैनिक कमाई करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकें। योजना का लाभ उठाने वाले अभी भी डूडा के जरिए ऑन लाइन आवेदन कर सकते है।
डूडा के परियोजना अधिकारी मीना सिंह ने बताया कि जिले को 12701 का लक्ष्य दिया गया गया था। जून से अब तक 4214 लोगों ने ऑन लाइन पंजीकरण कराया है। इसमें से 3912 का आवेदन शासन को भेजा गया है।