मऊ। सड़क निर्माण की नई तकनीक एफडीआर (फुल डेफ्थ रेक्लेनेशन) से जनपद की 16 सड़कों का निर्माण होना है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा अभी तीन सड़कों पर काम किया गया है। दो सड़क की अत्याधुनिक रिक्लेयर मशीन से सतह बनाने का काम कर लिया गया है। अभी चौबेपुर-एकौना मार्ग पर सड़क बनाने का कार्य चल रहा है। सड़कों के निर्माण के साथ ही विभाग द्वारा तैयार सतह से नमूना लेकर बीएचयू आईआईटी के लैब जांच के लिए भेजा गया है। दो सप्ताह में रिपोर्ट मिलने के बाद इन सड़कों पर पीच बनाने का कार्य होगा।
जनपद की 16 बदहाल सड़कों के निर्माण के लिए एक दशक से भी अधिक समय बाद अत्याधुनिक तकनीक एफडीआर से निर्माण कराने की मंजूरी मिली। इन सभी 16 सड़कों के नव निर्माण के लिए विभाग को कुल लगभग 123 करोड़ रुपये धन आवंटन भी कराया गया। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा अभी सलाहाबाद से इटौरा सरसेना मार्ग, बरलाई से धवरियासाथ मार्ग का मिट्टी कार्य से चौड़ीकरण कर केमिकल मिलाकर सतह को तैयार कर लिया गया है। इसी मार्ग पर विवाद के कारण बसारथपुर से धवरियासाथ तक सड़क अधूरी पड़ी है। वहीं तीसरे मार्ग चौबेपुर से एकौना करीब पांच किमी रोड का निर्माण होना है। नई मशीनों से अभी तक करीब दो किमी सड़क का कार्य पूरा किया गया है। सड़क की सतह को तैयार करने के बाद भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट के बाद विभाग सड़कों का पीच बनाने का कार्य करेगा।
अभी भी पोल और पेड़ बने है बाधा
मऊ। सड़क के चौड़ीकरण के लिए मार्ग के किनारे पोल और पेड़ को हटाने के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा वन विभाग को करीब एक करोड़ 64 लाख रुपये का और बिजली को पोल हटाने के लिए करीब 143 लाख रुपये का इस्टीमेट दिया गया है।
इन सड़कों का होगा निर्माण
मऊ। कोइरियापार से मीरपुर, मोलनापुर से दुुबारी, एकौना चौबेपुर रोड, रानीपुर-सुल्तानीपुर मार्ग, बरलाई से पूराघाट, रतनपुरा से भीमपुरा, इटौरा से सरसेना, बनगांवा से पीढ़वल, मुहम्मदाबाद से जीयनपुर, करहां से जहानागंज, हलधलपुर से अइलख, मऊ से इटौरा सहित कुल 16 सड़क शामिल हैं।