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काली पट्टी बांधकर चिकित्सकों-स्वास्थ्यकर्मियों ने किया काम

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मऊ। डीएम की तरफ से उपजे विवाद और आरोपों के निस्तारण के लिए टीम गठित करने के बाद भी शनिवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोपागंज सीएचसी पर विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान कर्मचारियों ने एसडीएम सदर को हटाने की मांग की। घटना के तीसरे दिन कर्मचारियों ने काम तो किया, लेकिन विरोध स्वरूप बांह पर काली पट्टी बांधा था।
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शनिवार की सुबह कोपागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक तथा स्वास्थ्य कर्मियों ने केंद्र अधीक्षक डॉ. आरके झा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी एक स्वर से सदर एसडीएम को हटाने के मांग की। इसके बाद सभी डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर कामकाज प्रारंभ किया। इस दौरान कर्मचारियों ने हॉट स्पॉट का सर्वे का काम ठप रखा। कर्मचारियों की मांग थी कि जबतक एसडीएम को नहीं हटाया जाता वो सर्वे नहीं करेंगे। इसीक्रम में जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, राजकीय टीबी क्लीनिक सहित जिले के सभी नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परदहां, रानीपुर, रतनपुुरा, घोसी, फतेहपुर मंडाव, बड़राव, दोहरीघाट पर तैनात चिकित्सकों ने भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
जनता पीस रही दो पाट में, 54 हजार की जांच अधर में
कोपगंज। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच उपजे विवाद के पाट में जनता फंसी नजर आ रही है। हॉट स्पॉट क्षेत्र में कर्मचारियों के न जाने से अभी भी लगभग 54 हजार लोगों की जांच अधर में पड़ गई है। बताते चले बृहस्पतिवार को हॉट स्पॉट क्षेत्र में सर्वे की समीक्षा बैठक कोपागंज थाने में आयोजित की गई। समीक्षा करने के दौरान एसडीएम ने सर्वे में कुछ तकनीकी खामी पकड़ा। इस दौरान उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को कर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एके झा से दुबारा सर्वे कराने को कहा है। इस दौरान तक 34 हजार लोगों का सर्वे हो चुका था। डॉ. आरके ने एसडीएम पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। इसके बाद शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी आंदोलित हो गए। इस दौरान शनिवार को आशा बहुओं हॉटस्पॉट क्षेत्र में सर्वे करने से इनकार कर दिया। प्रशासन और डाक्टर के बीच फंसी जनता परेशान है। रविवार को कस्बा के मोहल्ला दोस्तपुरा निवासी एक व्यक्ति को कॅरोना पॉजिटिव निकलने के बाद दोस्तपुरा सहित कस्बा के तीन मुहल्लों को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया था। इन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीम द्वारा गठित 36 टीमें लगाई गई थी। टीम बृहस्पितवार तक यह टीम 5500 घरो तक पहुंच कर 34 हजार लोगों की जांच की थी। इस दौरान टीम को कोई व्यक्ति सर्दी, बुखार और खांसी से पीडि़त नहीं मिला। एसडीएम ने जांच के दौरान पाया कि सर्वे में लापरवाही बरती गई है। रिपोर्ट से संतुष्ट न होने पर जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने स्वास्थ्य टीम को दोबारा सर्वे करने का आदेश दिया था। जिलाधिकारी के आदेश पर स्वास्थ्य टीम द्वारा शनिवार को हॉट स्पॉट क्षेत्रों का दुबारा सर्वे करना था।
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एसडीएम के विरुद्ध एकजुट हुए संगठन
मऊ। अपर सीएमओ तथा केंद्र अधीक्षक से प्रशासनिक अधिकारी द्वारा अभद्रता को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सभी संगठन संगठित हो गए है। शनिवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से संबंधित संगठन लैब टेेक्नीशियन, हौम्योपैथिक फार्मासिस्ट, आयुर्वेद फार्मासिस्ट एसोसिएशन, नेत्र परीक्षण अधिकारी संघ, बेसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता संघ, एक्सरे टेक्नीशियन संवर्ग, डेंटल हाईजीनिस्ट संघ, जिला कुष्ठ कर्मचारी संघ ने शनिवार को संयुक्त रुप से बैठक की।
हमारे डॉक्टर और कर्मचारी काम कर रहे हैं। विरोध में बारे में जानकारी नहीं है। यदि वे विरोध कर रहे हैं तो इस बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। - डॉ. सतीश चंद्र सिंह, सीएमओ
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