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जीएसटी के विरोध्ा में किया प्रदर्शन

Tue, 11 Jul 2017 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
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मंगलवार को धरने को संबोधित करते व्यापारी नेता उमाशंकर ओमर।
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कपड़े और हैंडलूम पर जीएसटी लगाने के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी सदर बाजार , कौड़ी बिल्डिंग के पास बुनकरों, साड़ी व्यवसायियों और व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों ने बुधवार को धरना प्रदर्शन जारी रखा।  इस दौरान वक्ताओं ने जीएसटी को काले कानून की संज्ञा दी। कहाकि रोटी कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं में शुमार वस्त्रों पर अंग्रेजों ने भी कोई टैक्स नहीं लगाया। उस कपड़े पर मोदी सरकार ने जीएसटी लगाकर अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया।
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पूर्व विधायक कामरेड इम्तियाज अहमद ने कहा कि हैंडलूम के वस्त्रों के साथ ही सभी प्रकार के कपड़ों पर टैक्स लगाकर केंद्र सरकार ने अपनी बुनकर विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है। बोले इस शर्त पर जीएसटी किसी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजय साहू ने कहा कि करों को सरल बनाने तक जीएसटी का विरोध किया जाता रहेगा। पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि अरशद जमाल ने कहा कि बुनाई उद्योग को समाप्त करने की केंद्र सरकार की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस के बुनकर नेता अबू बकर अंसारी ने कहा कि जीएसटी बुनकरों को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं है। इसका सरली करण करते हुए इसकी खामियों को दूर किया जाए। व्यापारी नेता डॉ. रामगोपाल गुप्ता ने कहा कि जीएसटी के समाप्त होने तक व्यापारियों का संघर्ष जारी रहेगा। मऊ हैंडलूम कुटीर उद्योग के सचिव जमाल अर्पण और अजर कमाल पूजी ने आह्वान किया कि 12 जुलाई को सभी व्यापारी, गृहस्थ और व्यापारी अपने अपने कारोबार बंद रखेंगे। धरना को पूर्व पालिकाध्यक्ष तय्यब पालकी, कामरेड वीरेंद्र , कमरुज्जमा,  कलाम सौदागर, इकबाल, अकरम प्रीमियर, सालिम अंसारी, साजिद बबलू, शकील ,जावेद  तरफदार , शकील , शिमला, मुस्तफा, अजमल, सेराज, हाजी मंसूर आदि नेता मौजूद रहे।
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