मऊ। नगर पालिका के पास भवन के अभाव में रैन बसेरा जो बनाया गया है वो लोगों की पहुंच से दूर है। नगर पालिका ने पुरुष महिलाओं के लिए नगर क्षेत्र में तीन जगहों पर अलग-अलग रैन बसेरा बनाए गए हैं। रविवार की रात अमर उजाला की टीम दो रैनबसेरा पहुंचकर लाइव रिपोर्टिंग कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। टीम को इस दौरान दोनों रैनबसेरों में कोई व्यक्ति ठहरा नहीं मिला। हालांकि दोनों जगहों पर नगर पालिका द्वारा रजाई, गद्दे बिछे होने मिले। वहीं नगरपालिका की दो कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले। लेकिन ठंड बढ़ने के बाद भी अलाव की व्यवस्था किसी भी रैनबसेरा पर नहीं मिली।
टीम सबसे पहले रात दस बजे जिला अस्पताल परिसर के इमरजेंसी के पास बनाए गए रैनबसेरा में पहुंची। टीम को रैनबसेरा में कोई व्यक्ति ठहरा नहीं दिखा। हालांकि नगरपालिका का कर्मचारी अपने रजिस्ट्रर के साथ मुस्तैद दिखाई दिया। करीब 30 मिनट बाद अमर उजाला की टीम रोडवेज परिसर के पुराने भवन में बनाए गए रैनबसेरा पहुंची। यहां भी टीम को कोई व्यक्ति रैनबसेरा में ठहरा नहीं मिला। बीते दो तीन दिनों से रात में ठंड बढ़ने के बाद भी दोनों रैनबसेरा में अलाव की व्यवस्था नहीं मिली।
उधर दोनों रैनबसेरा के खाली होने पर एक कर्मचारी ने बताया कि ठंड अभी कम है, जिसके चलते लोग नहीं आ रहे है। दूसरी वजह रैनबसेरा की जानकारी नहीं होना भी है। बताया कि जिला अस्पताल परिसर में बने रैनबसेरा के बारे में अधिकांश लोगों को जानकारी है। लेकिन आजमगढ़ रोड के पास बने रैन बसेरा को हटाकर रोडवेज परिसर में स्थानातंरित होने की जानकारी भी नहीं है। ऐसे में भी कई लोग रैनबसेरा नहीं पहुंच पा रहे है। कमोवेश कुछ इसी तरह की व्यवस्था ब्रम्हस्थान टैक्सी स्टैंड के पास बनाए गए रैन बसेरे की थी। यहां भी अलावा छोड़ अन्य सारी व्यवस्थाएं थी।
इस बाबत नगरपालिका के प्रभारी ईओ तथा जलकल प्रभारी पीएन मिश्रा का कहना है कि सर्दी से बचाव के लिए जहां स्थान मिला है, वहां बीस-बीस जोड़ी रजाई गद्दे की व्यवस्था पालिका की ओर से सुचारू की है। वहीं ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है।