मऊ।कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लोग गंभीर नहीं दिख रहे हैं। मास्क न लगाने वालों पर पांच सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। शहर से लेकर कसबों और गांवों तक लोग मास्क और सोशल डिस्टेसिंग को लेकर लापरवाह नजर आ रहे हैं। होम क्वारंटीन को भी लोग हलके में ले रहे हैं। जब तक मन किया, घर में रहे फिर जब मन किया सीवान में निकल जा रहे हैं। लोगों से मिलना, दुकान जाना सब कुछ करते देख जा रहे है। किराना, बिजली कपड़ा, बर्तन सहित कई दुकानों पर न तो हाथ धोने अथवा न ही सेनेटाइजर की सुविधा दी जा रही है। हां, बैंकों और कुछ सरकारी दफ्तरों में सेनेटाइजर जरूर दिख जा रहे हैं।
सब्जी मंडी में भीड़ लगाने वालों को पुलिस को लगातार तीन दिन तक लाठियां भांजकर लोगों को खदेड़ना पडा। इसके बावजूद सब्जी मंडी में खुदरा विक्रेता भी बिना मास्क ही खरीददारी करते दिख जाते है। केरानों,दवा की दुकानों, मोबाइल बिक्री और मरम्मत की दुकानों पर भीड़ दिख रही है। संकरी गलियों में स्थित मंडी में न तो दुकानदार और न ही सेल्समैन अथवा खरीददार मास्क लगा रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल में आने वाली महिलाएं और उनके परिजन बिना मास्क के घूमते रहते हैं। चार मंजिला इस अस्पताल में ऊपरी मंजिलों पर जाने के लिए एक ही जीना है जहां सोशल डिस्टेसिंग खराब होती रहती है। थानों पर सनेटाइजर रखे गए हैं। ढ़ेकुलिया घाट रोड पर फाटक से लेकर सब्जी मंडी के सामने तक मास्क लगाने और सामाजिक दूरी के नियमों की ऐसी तैसी करने वाले मिल जाएंगे। गाजीपुर तिराहे पर फलों के ठेलों और सहादतपुरा में सब्जियों के ठेलों पर सोशल डिस्टेसिंग कभी नजर ही नहीं आती। पेट्रोलपंपों पर नाजिल मैन तक बिना मास्क के ही पेट्रोल डीजल देते हैं।
इस मामले में डीएम मऊ ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना करने वालों पर जुर्माना और मुकदमा दर्ज कराकर सख्ती की जाएगी। इसे लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है।
जिले में आठ वेंटीलेटर मौजूद
कोरोना से निपटने में जनपद का हाल अच्छा नहीं है। जिले में केवल आठ वेंटीलेटर उपलब्ध है। सरकारी अस्पताल में केवल परदहा सीएचसी पर 30 बेड तैयार किए गए हैं। इसके अलावा जिले के नर्सिंग होमों में 250 बेड सुरक्षित किए गए हैं। जबकि नीजी क्षेत्र के बापू आयुवेर्दिक मेडिकल कालेज में 250 बेड सुरक्षित किए गए हैं। कुल मिलाकर 480 बेड कोरोना संक्रमितों के लिए उपलब्ध हैं।
13 हजार प्रवासी हैं होम क्वारंटीन
दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र के पुणे नासिक सहित अन्य शहरों, दिल्ली , गुजरात, बेंगलोर हैदराबाद तेलंगाना आदि से आने वाले प्रवासियों की संख्या काफी है। अन्य प्रदेशों से ट्रेन और बसों से अब तक जिले में 12 हजार 782 लोगों ने थर्मल स्क्रीनिंग कराई है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के 10 869 लोग हैं जबकि 1913 शहरी क्षेत्रों के हैं। इन्हें होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई। जुर्माने के प्रावधान के बावजूद अब तक जिले में मास्क न लगाने वाले किसी भी व्यक्ति पर जुर्माना नहीं लगाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मास्क लगाने अथवा सोशल डिस्टेसिंग की सलाह देने पर लोग व्यंग्यात्मक हंसी उड़ाते हैं।