श्रद्धा तथा भक्ति का पर्व मकर संक्रांति जिले में रीतिरिवाज से मनाया गया। नगर के तमसा एवं दोहरीघाट में सरयू नदी के तटों पर भोर से ही स्नान करने वालों का तांता लगा रहा।
लोगों ने नदी में डुबकी लगाने के साथ ही दान-पुण्य किया। वहीं, नगर सहित जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले पारंपरिक मेले में अपार जनसमूह उमड़ा।
साथ ही मंदिरों में पूजन अर्चन करने के लिए लोगों की खासी भीड़ रही। इस अवसर पर लोगों ने तिल, लाई, गुड़ चूरा आदि का सेवन कर त्योहार को पारंपरिक ढंग से मनाया।
मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर नगर के हनुमान घाट, मड़इयाघाट, बमघाट, सत्तीघाट, ढेकुलियाघाट और रामघाट ब्रह्मस्थान पोखरा, शीतला माता धाम स्थित पोखरा तथा नागा बाबा की कुटी सहित सरयू तट के विभिन्न घाटों पर तड़के से ही स्नान करने वाले लोगों का तांता लगा रहा।
लोगों ने स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। साथ ही तिल, चावल छूकर दान किया। जिले के विभिन्न स्थानों पर लगने वाले मेले में भारी भीड़ रही। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सहादतपुरा मुहल्ला स्थित ब्रह्मस्थान पर सुबह से ही मेला लगा हुआ था। श्रद्घालुजन मंदिर में दर्शन पूजन कर ब्रह्म बाबा से मन्नत मांगी।
इस अवसर पर लगे मेले में बच्चों ने झूले तथा चटपटी वस्तुओं का लुत्फ उठाया। बच्चों ने पूरे दिन घूमकर पतंगबाजी कर खिचड़ी मनाई।
रतनपुरा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के नगवा, बीबीपुर, गाढ़ा, रतनपुरा, मुबारकपुर, धर्मागतपुर, रतनपुरा, गुलौरी, जोगापुर, दतौड़ा, खोहिया सहित विभिन्न इलाकों में मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के बीच मनाया गया। लोगों ने स्नान कर दानपुण्य किया। इसके बाद बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया।
साथ ही एक दूसरे को पर्व की बधाई दी। पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। क्षेत्र के प्रसिद्घ वनदेवी धाम में सुबह से ही श्रद्घालुओं का रेला लगा रहा।
इस दौरान मंदिर पर भजन कीर्तन होता रहा। मंदिर पर लगे मेले का लोगों ने मजा लिया। वनदेवी पार्क में मौज मस्ती करते देखे गए। मंदिर पर लाई, चूरा तथा रेवड़ी की दुकानें सजी हुई थी।
रानीपुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के खुरहट, पलिया, ब्राह्मणपुरा, रानीपुर, काझा, खिरिया सहित विभिन्न इलाकों में मकर संक्रांति का पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया।
वहीं, त्योहार के दिन भी बहू बेटियों के यहां लाई, चूरा की गठरी बांधकर खिचड़ी पहुंचाने का निर्वाह करते देखे गए। दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार मकर संक्रांति के अवसर पर कस्बा स्थित सरयू नदी में स्नान करने का बड़ा ही महत्व है।
इस दौरान प्रत्येक वर्ष काफी दूर-दूर से लोग यहां आकर पवित्र नदी में स्नान करते हैं। गुरुवार को भारी संख्या में नदी तट के विभिन्न घाटों पर भोर से ही स्नान करने का क्रम चलता रहा।
साथ नदी तट पर स्थित मंदिरों पर पूजन अर्चन किया। करहां संवाददाता के अनुसार मकर संक्रांति पर्व पर दूर दराज सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से लोगों ने गुरादरी मठ स्थित पोखरे में स्नान किया। साथ ही पूजन अर्चन कर मन्नत मांगी। इस दौरान मेले जैसा दृश्य रहा।