जिले में वृद्घा पेंशन के नाम पर अपात्रों को पेंशन दी जा रही है, पेंशन के लिए आधार कार्ड आवश्यक होने के शासनादेश पर इस गोलमाल की पुष्टि सर्वे टीम ने कर विभाग को सूची भी उपलब्ध करा दिया है। लेकिन समाज कल्याण विभाग इसका सत्यापन नहीं करा पा रहा। विभाग कर्मचारियों के न होने का रोना रो रहा है। जबकि इस योजना का लाभ नौकरी की पेंशन पाने वाले भी उठा रहे हैं। बरवक्त जिले में 42 हजार 357 वृद्घा पेंशनर है, सर्वे में 3177 लोगों की मौत होना पाया गया। विभाग की लापरवाही का परिणाम है कि मर चुके पात्रों के खाते में वृद्घा पेंशन भेजी जा रही।
समाज कल्याण विभाग भले ही वृद्घा पेंशन पात्रों के खाते में भेजता है, लेकिन उसके पास कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है जिससे इस पात्रों के मरने की जानकारी उन्हें तत्काल मिल सके। साथ ही उन्हें भेजे जाने वाली पेंशन की धनराशि रोका जाए।पेंशन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होने पर पात्रों से आधार संकलित करने के लिए निकली अंबेडकर स्कूलों अध्यापकों को जांच के दौरान पता चला कि 3177 पेंशनर मर चुकें हैं।
सर्वे टीम ने आधार नंबर एकत्र कर विभाग को उपलब्ध करा दिया, लेकिन साथ में मरने वालों की सूची भी विभाग को उपलब्ध कराई। अगर विभाग इस सूचना का सत्यापन करा ले तो इस योजना का लाभ अन्य पात्र उठा सकते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी जितेंद्र मोहन शुक्ल का कहना है कि सूची मिली है उसका सत्यापन कराया जाएगा। चूूंकि विभाग के पास स्टाफ की बेहद कमी है, इसलिए सत्यापन का कार्य अभी तक नहीं कराया जा सका है। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद एक अभियान चलाकर ऐसे सभी पेंशनरों के बारे में पता लगाया जाएगा।