मऊ/हलधरपुर। बिना तालाब की खोदाई कराए ही मनरेगा से भुगतान के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ मुकादमा दर्ज किया है। कोर्ट का नोटिस और मुकदमा दर्ज होने के बाद अब मनरेगा और पंचायती राज विभाग की नींद खुली तो आनन फानन में ब्लॉक स्तरीय तीन सदस्यीय टीम गठित की गई। जबकि शिकायतकर्ता ने कोर्ट में जाने से पहले सभी जिम्मेदार अधिकारियों के यहां पत्र देकर मामले में जांच कराने की मांग की थी। लेकिन वहां सुनवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट में शिकायत की। छह लोग जिन्होंने कभी मनरेगा में मजदूरी नहीं की उनके जॉब कार्ड से भुगतान कराया गया। शिकायतकर्ता जनार्दन सिंह की शिकायत और कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे के अनुसार ग्राम प्रधान रामचंद्र शर्मा और ग्राम पंचायत अधिकारी सर्वेश यादव ने मिलीभगत से बेरूकी जमदरा मौजा के गाटा संख्या 49 में दर्ज पोखरे की कागज में खोदाई और सात जुलाई 2023 से 20 जुलाई 2023 तक मजदूरों का द्वारा खोदाई दिखाया। जबकि तालाब की खोदाई हुई ही नहीं थी, फर्जी मस्टर रोल बनवाकर भुगतान करा लिया। जनसूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगने पर 21 अक्तूबर 2023 को ब्लॉक कार्यालय द्वारा तालाब की खोदाई न होने की रिपोर्ट दी थी। इस संबंध में हलधरपुर थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्रधान और सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया गया है।
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कोटमामले की जांच के लिए ब्लॉक स्तरीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमेय कुमार, बीडीओ, रतनपुरा
टीम गठित की गई। मास्टर रोल ब्लॉक से बनकर आता है, रिपोर्ट की पुष्टि करने पर ही ग्राम पंचायतों को भुगतान किया जाता है।
उपेंद्र पाठक, मनरेगा,डीसी