फतेहपुर मंडाव। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर मंडाव पर मरीज एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। लेकिन यहां बीते छह दिन से इंजेक्शन नहीं है। लेकिन उन्हें हर दिन कल आने की बात कहकर लौटा दिया जा रहा है या 45 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही है। प्रतिदिन लगभग 10 से 15 मरीज बिना इंजेक्शन के घर लौट रहे हैं या फिर बाहर से महंगे दाम पर इंजेक्शन खरीद रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर देवारा सहित बलिया जिले सीमावर्ती गांवों के लोग अस्पताल पर इलाज के लिए आते हैं। इन दिनों देवारा क्षेत्र में कुत्तों और सियारों के काटने से अस्पताल पर रेबीज के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। समय पर इंजेक्शन न लगने पर यह काफी खतरनाक हो सकता है। सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबिज का डोज फ्री में मिलता है लेकिन बीते छह दिन से यहां एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं है। बुधवार को अस्पताल पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे मधुबन कस्बा निवासी सतीश चंद्र त्रिपाठी, अलीपुर निवासी अमन, बखरिया देवारा निवासी राहुल और दुबारी के पवन ने बताया कि वे सभी बीते छह दिन से अस्पताल पर एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं। लेकिन कल आने की बात कहकर लौटा दिया जा रहा है। जबकि बाजार में पांच से छह सौ रुपये तक खर्च करने पर ये इंजेक्शन मिल रहा है।
इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि अस्पताल पर एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।