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बिना जांच के मऊ रेलवे स्टेशन से आवाजाही कर रहे हैं यात्री

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मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ थोड़ा कम क्या हुआ, इसको लेकर हर स्तर से लापरवाही के मामले बढ़ने लगे। चाहे वह आम लोगों का हो या जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग। दरअसल संक्रमित मरीजों की संख्या में आई गिरावट के बाद अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी जांच को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। इस लापरवाही का उदाहरण मऊ जंक्शन पर देखने को मिल रहा है। जहां जांच न होने की शिकायत पर पहुंची अमर उजाला टीम को कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला।
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बताते चले कि जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ बीते एक सप्ताह से कम होता दिख रहा है। बीते शुक्रवार को जहां 2956 जांच रिपोर्ट में 28 मरीज मिले थे, वहीं बृहस्पतिवार को 1461 जांच रिपोर्ट में 20 मरीज मिले थे। करीब आठ दिन पूर्व यह आंकड़ा 100 से ज्यादा था। लेकिन इसके बाद भी जिले में संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा कम नहीं हुआ है। संक्रमण का ग्राफ कम होने के बाद एक बार फिर लापरवाही का ग्राफ फिर बढ़ने लगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच का दायरा बढ़ाने के बजाए इसमें शिथिलता बरतना शुरू कर दिया गया है। जहां पूर्व में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम मऊ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों की जांच करती थी। बीते कई दिनों से इस टीम द्वारा स्टेशन पर अब जांच नहीं की जा रही है। शनिवार को अमर उजाला की टीम शिकायत पर जब रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो टीम को रेलवे स्टेशन पर कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला। वहीं आनंद विहार जानी वाली लिच्छवी एक्सप्रेेस ट्रेन से 100 से ज्यादा उतरे। जो कि बिना जांच के अलग अलग जगहों को रवाना होते दिखे। स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही संक्रमण का ग्राफ को बढ़ा सकती है। दरअसल रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन दस से ज्यादा ट्रेनों की आवाजाही है, ऐसे में मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली से आने वाले ट्रेनों के यात्री बिना जांच के अपने घरों को जा रहे है।
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