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चुनाव ड्यूटी में बसों के जाने से यात्रियों की हो रही फजीहत

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गर के रोडवेज परिसर में बस न होने पर अपने परिवार के साथ परेशान हुए आदित्य।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। चुनाव ड्यूटी में रोडवेज की बसों को भेजे जाने से यात्री परेशान हो रहे हैं। अधिक दिक्कत गोरखपुर-वाराणसी रूट पर आ रही है। रोडवेज बसों के न होने पर प्राइवेट वाहनों की चांदी हो गई है। स्थिति यह है बसों में यात्रियों का दबाव काफी बढ़ गया है। जबकि यात्रियों से अधिक किराया लेने को लेकर नोकझोंक भी हो रही है। मऊ डिपो से संचालित हो रही 49 बसों में से अब तक 25 बसें तथा दोहरीघाट डिपो से 15 बसों को चुनावी ड्यूटी में भेजा गया है। आधे से अधिक बसों के चले जाने से बसों की कमी यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है। सबसे अधिक दिक्कत वाराणसी और गोरखपुर के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को हो रही है। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज प्रबंधन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रबंधन की तरफ से अधिक यात्रियों वाले रूटों पर बसों का फेरा बढ़ाया जा रहा है। यात्री दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। उन्हें बलिया बलिया जाना था, लेकिन बस ही नहीं मिली। चंपा ने बताया कि वह आजमगढ़ जाने के लिए बस का काफी देर से इंतजार करती रहीं। लेकिन बस नहीं मिली। प्रयागराज से आए आशीष ने कहा कि उसे बलिया तक जाना है। काफी देर से बस का इंतजार कर रहे हैं। प्रबंधन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। राहुल ने बताया कि उसे बलिया जाने के लिए बस पकड़ना था। लेकिन डिपो में एक भी बस मौजूद नहीं थी। डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी ऊषा सिंह ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के लिए 25 बसों को भेजा गया है। बसों की संख्या कम होने पर कई रूटों पर बसों का फेरा बढ़ाया गया है।
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