मऊ। लापरवाही और बदइंतजामी की वजह से नगर में जाम बड़ी समस्या बन चुकी है। आजमगढ़ मोड़ से बाल निकेतन तिराहे की एक किमी की दूरी तय करने में 40 से 50 मिनट लग रहे हैं। शहर में एक अंडरग्राउंड पार्किंग के साथ पांच जगहों पर अस्थायी पार्किंग बनाने की योजना नपा ने तैयार की थी, जो फाइलों में दबी रह गई। नगर का आजमगढ़-बाल निकेतन तिराहा मार्ग सबसे व्यस्त मार्ग है। इस सड़क पर मुख्य बाजार होने के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों का आवाजाही होती है। बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोग सड़क पर अपने वाहन खड़े कर देते हैं। ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालक भी आड़े तिरछे वाहन खड़े कर सवारियां बैठाते हैं। अतिक्रमण की वजह से सड़क सिमट गई है, जिससे हर समय जाम लगा रहता है। समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब स्कूल वाहनों का आवागमन होता है। आजमगढ़ मोड़ पर पुलिस पिकेट होने के बाद भी आड़े तिरछे वाहन खड़े किए जाते हैं लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती। इसके अलावा गाजीपुर तिराहे, भीटी चौराहे और मिर्जाहादीपुरा तिराहे पर भी लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। करीब 42 माह पहले नगर पालिका की ओर से से सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई गई थी, डिवाइडर भी बनवाए गए थे लेकिन पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई।वर्ष 2021 में नगर पालिका प्रशासन ने एसबीआई के पास, सलाहाबाद मोड़, चिरैयाकोट मार्ग स्थित एक अस्पताल के पास, बहादुरगंज मार्ग, दक्षिणटोला, ब्रह्मस्थान पर पार्किंग बनाने के लिए स्थान चिह्नित किया था लेकिन यह योजना फाइल में ही दबी रह गई।