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धनौली लोहड़ा रिंग बंधे में रिसाव से दहशत

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दोहरीघाट कस्बा में पहुंचा सरयू नदी के बाढ़ का पानी,लगाया गया बैरिकेटिंग।संवाद - फोटो : MAU
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दोहरीघाट। सरयू नदी के बाढ़ का पानी बंधों पर टक्कर मार रहा है। ऐसे में धनौली रामपुर के सामने धनौली लोहड़ा रिंग बंधे में रिसाव शुरू होने से इलाके के लोग दहशत में हैं। जबकि मरम्मत का रिसाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग की टीम जुटी है। सरयू का जलस्तर बृहस्पतिवार को 1998 के रिकार्ड जलस्तर 71.27 मीटर तक पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर व उसके रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मूड में है। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए एसडीएम सुरेश कुमार ने तटवर्ती इलाकों का दौरा कर अधिकारियों तथा कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिया। क्षेत्र के भैसाखरग गांव के सरहरा पुरवे के 25 परिवार नदी के घेरे में आ गए हैं। लोगों को रोजमर्रा के सामान बाजार से नहीं खरीद पा रहे हैं। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। कस्बे के तीन मुहल्लों मल्लाहटोला भगवानपूरा दलित बस्ती में बाढ़ का पानी 400 मीटर तक घुस गया है। इलाकों में हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। मधुबन तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली काट दी गई है, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं की जा सकी है। गौरी शंकर घाट पर नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 71.25 मीटर रहा। जबकि बुधवार यह 71 मीटर था। ऐसे में 24 घंटे में नदी के जलस्तर 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा बिंदु से 1.35 मीटर ऊपर बह रही है। लहरों के दबाव से नगर की सुरक्षा के लिए रखे बोल्डर खिसक रहे हैं। बढ़ते जलस्तर से भारत माता मंदिर, मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर शाही मस्जिद पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं तटवर्ती इलाके रामपुर धनौली, नई बाजार, नवली, बहादुरपुर, सरया, बीबीपुर, गौरीडीह, कोरौली सहित विभिन्न गांवों में हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। धनौली लोहड़ा बंधा, नवली, चिउतीडाड़, बीबीपुर बेलौली बंधे पर पानी का दबाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिससे बंधों पर खतरा मंडराने लगा है। दुबारी : मधुबन तहसील के देवारा क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। चौहानपुर-गजियापुर बगही मार्ग पर बाढ़ का पानी गिर रहा है। इससे 500 एकड़ से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई है। ऐसे में पशुओं के लिए चारे का संकट हो गया है। जलस्तर में वृद्धि से हरिलाल का पुरा, नकीहवा, धुसपुरा, मनमन का पुरा, बिशुन पुरवा, विंदर का पुरा, बईरकंटा पुरा, भगत का पुरा, चौहानपुर, बरोहा, कुंवरपुरवा, पब्बर पुरा, परसिया भटोली, चक्की मूसाडोही, हरिलाल का पुरा सहित 12 से अधिक गांव का संपर्क मार्ग जलमग्न हो गया है। लोग नावों से आवागमन कर रहे हैं।

दुबारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बैरियाकंटा गाँव के ग्रामीण नांव से बाजार को जाते हुए।संवाद- फोटो : MAU

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