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पंचायत चुनाव: बूथों पर नहीं दिखा कोविड का भय

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बढुआ गोदाम। कोरोना की दूसरी लहर का डर त्रिस्यतरीय पंचायत चुनाव में बूथों पर कहीं नजर नहीं आया। धीमी गति से मतदान होने के कारण लगभग सभी पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगीं रहीं। किसी भी बूथ पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता नहीं दिखा। अधिकतर स्थानों पर मतदाता बिना मास्क के मतदान करने पहुंचे हुए थे। पोलिंग बूथ में पुलिसकर्मी और मतदान अधिकारी भी बिना मास्क के काम करते दिखाई दिए। पंचायत चुनाव के तहत बृहस्पतिवार को परदहां ब्लाक के सभी 51 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के के कारण मतदान स्थलों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए वोटिंग कराना था। शासन के निर्देश के बाद भी अधिकतर पोलिंग बूथ पर कोरोना गाइड लाइन का पालन करते लोग नहीं दिखे। ग्राम पंचायत हरदसपुर में प्रत्याशियों के बस्तों पर मतदाताओं को वोटर पर्ची के साथ मास्क भी बांटे जा रहे थे लेकिन खुद एजेंट मास्क या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर नहीं आए। यहां पोलिंग बूथ के मुख्य द्वार पर पुलिसकर्मी मुस्तैद नजर आए लेकिन मास्क होने के बावजूद अधिकतर ने इसे गले में लटका रखा था। अंदर बूथों पर सौ से अधिक महिलाएं कतार में थीं और एक दूसरे से सटकर खड़ी हुई थीं। मास्क लगाने में पुरुष मतदाता भी पीछे नजर आए। ज्यादातर युवा महिलाएं मास्क लगाए हुए थीं। ग्राम पंचायत सरयां रघुनाथपुर के पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की भीड़ तो कम थी लेकिन यहां कतार लगवाने वाले पुलिसकर्मी ने मास्क नहीं लगाया था। बाहर खड़ा पुलिसकर्मी भी मास्क गले में लटकाए नजर आया। ग्राम पंचायत नसीरपुर में भी मतदान अधिकारी ने मास्क नहीं लगाया था। यहां बूथ के अंदर पुलिसकर्मी और प्रत्याशी का एजेंट भी बिना मास्क के मतदाताओं का मार्गदर्शन करते दिखे। ग्राम पंचायत बढुआ गोदाम, डुमरांव, इमिलियाडीह सहित अन्य ग्राम पंचायतों में मतदाताओं की भीड़ तो कम थी लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कराया गया। यहां भी पोलिंग कर्मचारियों ने मास्क नहीं लगा रखा था। यह स्थिति और इससे मिलते जुलते दृश्य कमोबेश प्रत्येक ग्राम पंचायतों का रहा।
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