मऊ। जिला औषधि प्रशासन की ओर से जांच के भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद तीन दवा कंपनियों की दवाईयों को मानक के अनुरूप न मिलने पर कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया गया है। औषधी निरीक्षक राघवेंद्र कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 154 दवा दुकानों का निरीक्षण करते हुए कुल 149 दवा विक्रय प्रतिष्ठानों से तथा सरकारी चिकित्सालयों से 21 नमूनों को प्रयोगशाला को जांच के लिए भेजा गया था। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में दो औषधि नमूनों को गलत तथा तीन औषधि नमूनों को निम्न स्तर पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर गलत औषधि बनाने वाली कंपनियों के विरूद्ध अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक के न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया गया। जिन तीन दवाओं की रिपोर्ट गलत पाई गई है। उसमें दर्द में प्रयोग की जाने वाली दवा एसिक्लोफिनेक, एलर्जी में प्रयोग होने वाली दवा लिवोसेट्रीजीन और अस्थमा में प्रयुक्त होने वाली मोन्टील्यूकास्ट व एंटीबायोटिक दवा सिफिक्जीम को बनाने वाली निर्माता जेएम लेबारेटरीज- भनत, जनपद-सोलन, हिमांचाल प्रदेश, विदियाशा फार्मास्यूटिकल्स, इण्डस्ट्रीयल एरिया, त्रिलोकपुर रोड, काला अम्ब, जनपद-सिरमौर, हिमांचल प्रदेश और ब्रिट लाईफ साइन्स, काला अम्ब, जनपद-सिरमौर, हिमांचल प्रदेश है।