मऊ। रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने के नाम पर घूस मांगे जाने के मामले की जांच के लिए गठित टीम ने तथ्यों की पड़ताल की तो रिश्वत की शिकायत सही साबित हुई। चार सदस्यों वाली जांच टीम ने रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को सौंप दी है। इससे पहले बीते मंगलवार को डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में टीम ने रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मामले की जांच की थी। जहां टीम को एंटी रैबिज कक्ष में मौजूद रजस्टिर में जहां खामियां मिली। वहीं जिस व्यक्ति की ओर से वीडियो में इंजेक्शन लगाने के बाद रिश्वत मांगा जा रहा था, वह इंटर्नशिप फार्मासिस्ट था। डिप्टी सीएमओ की जांच करने तथा प्रशासन की ओर से मामले को खुद संज्ञान लेने के बाद रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।
बताते चलें कि अमर उजाला की ओर से मंगलवार को घूस लेने के बाद लग रहा एंटी रैबिज इंजेक्शन शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद
अमर उजाला ने जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र को मामले से अवगत कराया। जहां डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में स्वास्थ्य विभाग को जांच करने का निर्देश दिया। जिसके क्रम में बीते मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. वकील अली रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। डॉ. वकील अली ने बताया कि उन्हें जांच के दौरान एंटी रैबिज के लिए बनाए गए रजिस्टर में मरीज का नाम तो मिला, लेकिन नियमानुसार मोबाइल नंबर, पता, आधार कार्ड नंबर दर्ज होना नहीं मिला। इससे मरीजों से इस संबंध में कोई फीडबैक नहीं मिल सका। वहीं जानकारी लेने पर पता चला कि बाहरी व्यक्ति की ड्यूटी लगाई गई थी। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक को कड़ी हिदायत देते हुए केवल फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाने का निर्देश देते हुए लिखित में रिपोर्ट देने की बात कही गई है।साथ ही रिपोर्ट बनाकर सीएमओ केा सौंप दी गई है। वहीं इस संबंध में सीएमओ डॉ.नंदकुमार का कहना है कि जांच रिपाेर्ट मिल चुकी है, एक दो दिन के भीतर रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह हैं पूरा मामला
मऊ। अमर उजाला को भेजे गए 23 सेकेंड के वीडियो में रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एंटी रैबिज कक्ष में पीली टीशर्ट पहने युवक द्वारा मरीज द्वारा अपना पर्चा संबंधित युवक के सामने रखा दिखाई दे रहा है। जहां इशारा करने के बाद उसके नोट लेने के बाद उसे रखने के बाद कुछ देर इधर-उधर देखने के बाद उसने मरीज को वापस 20 की नोट दी।