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ओवरहेड टैंकों की नहीं होती समय से सफाई

Sat, 22 Jul 2017 12:12 AM IST
mau news
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मऊ। जल निगम और निकायों द्वारा संचालित ओवरहेड टैंकों की सफाई समय से नहीं की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में दशकों पूर्व बिछाई गई पाइपलाइन में आए दिन फटने की शिकायत एवं प्रदूषित जल की सप्लाई मिलती रहती है। इससे पाइन लाइन में गंदा पानी घुस जाता है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। कागज में सफाई कराया जाना समय से दिखाया जाता है। जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और ही है।    
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   नगर क्षेत्र के आधा दर्जन सहित जिले में 13 ओवरहेड टैंक हैं। नगर क्षेत्र के पुलिस लाइन, हाइडिल कालोनी, मुंशीपुरा, मातापोखरा, पावर हाउस कालोनी सहित आधा दर्जन ओवरहेड टैंकों की देखरेख और सफाई नगरपालिका होती है। वहीं 13 ओवरहेड टैंकों की सफाई और मरम्मत कार्य जल निगम की तरफ से किया जाता है। नगरपालिका, नगर पंचायतों तथा जलनिगम से संचालित ओवरहेड टैंकों की सफाई वर्षों से नहीं की जा रही है। नियम के तहत ओवरहेड टैंकों पर सफाई करने की तिथि लिखनी होती है, लेकिन किसी भी टैंक पर तिथि अंकित नहीं की गई है। अभी हाल ही में नगर के पुलिस लाइन स्थित ओवरहेड टैंक में कबूतर मरा मिला था। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग पेट संबंधित बीमारियों से ग्रसित होने लगे तब जाकर आनन फानन उसे दुरुस्त किया गया। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर वाटर सप्लाई का पानी-पीने से मुंशीपुरा मुहल्ले में डायरिया का प्रकोप फैला था। यहां भी ओवर हेड टैंक से ही पानी की आपूर्ति होती है। बाद में पता चला कि पाईप लाइन कहीं से लिकेज है। ग्रामीण इलाकों के ओवरहेड टैंकों की स्थिति दयनीय है। रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के चिरैयाकोट, मधुबन कस्बा, दुबारी, गोठा, रतनपुरा सहित 13 ओवरहेड टैंकों की स्थिति बेहद खराब है। जल निगम की तरफ से दशकों पूर्व पाइप लाइन बिछाई गई है। रख रखाव के अभाव में पाइप लाइन जगह-जगह जर्जर हालत में हैं। जलापूर्ति बंद होते ही आसपास जमा गंदा पानी पाइप लाइन को प्रभावित करता है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग उल्टी, पेटदर्द, पेचिस सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। ग्रामीणों की तरफ से कई बार प्रदर्शन करने के बाद भी न तो ओवरहेड टैंकों की सफाई ही कराई गई और न जर्जर पाइप लाइन को ही बदला गया। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता छोटेलाल गांधी, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बरनवाल, उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर का कहना है कि ओवरहेड टैंकों की सफाई में खानापूर्ति की जा रही है। सफाई करते कभी देखा नहीं जाता है।  पाइप लाइन की मरम्मत के लिए विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है। इससे आए दिन प्रदूषित जल आपूर्ति का मामला प्रकाश में आता है। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता एके शर्मा का कहना है कि समय समय पर ओवरहेड टैंकों की सफाई कराई जाती है। जर्जर पाइप लाइन की मरम्मत के लिए शासन से बजट की मांग की गई है।
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