विभिन्न बकायों सहित लंबित मांगों को लेकर जिले भर की आशा सेविकाओं ने गुरुवार को सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। आशा सेविकाएं सीएमओ आफिस पर उपेक्षा और भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही थीं। उनका आरोप था कि उनके विभिन्न प्रकार के पारिश्रमिकों में कटौती कर ली जा रही है।
अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर जिले के सभी नौ ब्लाकों की आशा सेविकाएं सुबह लगभग दस बजे ही सीएमओ कार्यालय परिसर में एकत्र हो गईं।
मांगें को लेकर पीपी सेंटर के सामने गुरुवार को आशा सेविकाओं ने धरना प्रारंभ कर दिया। धरनारत आशा सेविकाओं ने कहा कि सीएमओ आफिस से पारिश्रमिक में कटौती कर दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2014 -15 में जनवरी से मार्च तक का जेई द्वितीय, डीपीटी, खसरा, पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया।
इसी अवधि में नियमित टीकाकरण के लिए 150 रुपयों प्रति माह मिलने वाली धनराशि भी बकाया है। कहा कि जिले के कुल नौ ब्लाकों में नौ तरह की ड्रेस है इसमें एकरूपता होनी चाहिए। गर्भावस्था के दौरान विभन्न प्रकार के टीके लगवाने के बाद जो महिलाएं प्रसव के लिए मायके अथवा प्राईवेट अस्पतालों में चली जा रही हैं उनके टीकाकरण के लिए मिलने वाली 300 रुपये काट लिए जा रहे हैं।
यह धनराशि सभी को देने की मांग की। धरने में जिलाध्यक्ष संध्या राय, ब्लाक अध्यक्ष उर्मिला राय, मंत्री पुष्पा भारती, शीतल, माया रमलावती, चंद्रमती, विद्यावती, किरन विद्या देवी, मंजू, शिवकमारी, अनीता, आशा देवी, सरोज यादव, राजकुमारी, फूलमती, सुशीला, शकुंतला, सुमन , ममता, कौशिल्या, सत्यावती, मीरा, रंजना, सुमित्रा राय, शीला मुराती, ऊषा, नील कमल, भानमती, मंजू सिंह, मनोरमा मिश्र, लीलावती, भानमती, निरुपमा सिंह, कंचन, मंजू पांडेय सहित काफी संख्या में आशाएं मौजूद रहीं।