कुसुंहा के पास शारदा सहायक नहर की पटरी के किनारे मिट्टी पाटकर गुमटी में छोटे मोटे रोजगार कर परिवार की आजीविका चलाने वाले दुकानदारों को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने हटाने को कहा है। अधिकारियों ने कहा है कि वे नहर की पटरी के किनारे से अपनी गुमटियां हटा लें। अधिकारियों के इस फरमान से पटरी दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के इस आदेश से नाराज दुकानदारों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। दुकानदारों का कहना है कि एक तरफ सरकार बेरोजगार युवाओं को रोजगार के लिए मुद्रा लोन और अन्य सुविधाएं देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम चला रही है।वहीं दूसरी तरफ निरंकुश अधिकारी सरकार की मंशा पर पलीता लगाकर उसकी छबि खराब करने पर तुले हुए हैं। शारदा सहायक खंड 32 नहर की पटरी के किनारे दोहरीघाट ब्लाक के कुसुम्हा बाजार के पास पिछले 30 वर्षों से गुमटियां रखकर छोटे मोटे रोजगार कर किसी तरह से परिवार का पालन पोषण करते हैं।शारदा सहायक नहर के अधिकारियों द्वारा लोगों को नहर की पटरी के किनारे से अपनी गुमती को हटाने का निर्देश दिया। इस निर्देश से गुमटी में कारोबार कर जीवन यापन करने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। कुसुम्हा से मादी बाजार तक लोग परिवार के जीविको पार्जन के पान,चाय, घाटी , पकौड़ी , साइकिल मरम्मत की दुकान पटरी के किनारे मिट्टी पाटकर करते आ रहे हैं। दुकानदारों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्रार्थनापत्र भेजकर जीविकोपार्जन की एक मात्र स्रोम इन गुमटियों को न हटाए जाने की गुहार लगाई। लोगों ने नहर की पटरी के किनारे विरोध प्रदर्शन भी किया। इस संबंध में दुकानदार रमेश ,अवधेश, रामकरण,सुरेश,फूलमती देवी,राधिका देवी,विनोद गुप्ता, राजेश गुप्ता का कहना है कि पिछले 30 वर्षों से हम लोग नहर की पटरी के किनारे गुमती में छोटा मोटा कारोबार कर परिवार की आजीविका चला रहे हैं। एक तो शारदा सहायक नहर में कभी पानी नहीं आता है और दूसरे नहर विभाग के अधिकारी दुकानदारों को ही हटाने के प्रयास में लग गए हैं।