मऊ। जिले के 53 सरकारी अस्पताल में से 49 में आग लगने पर बचाव के इंतजाम नहीं हैं। सिर्फ चार ही अस्पताल अग्नि सुरक्षा के मानक को पूरा करने के चलते इनके पास ही अग्निशमन विभाग की एनओसी है। जबकि 100/100 बेड वाले जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल के साथ तड़ियाव अस्पताल भी बिना एनओसी के संचालित हो रहा है।
उधर अग्निशमन विभाग की तरफ से नोटिस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा बजट न होने के चलते मानक पूरा न होने की बात कहते हुए बजट के लिए प्रस्ताव भेजने का दावा कर रहा है। जिले की करीब 26 लाख की आबादी के लिए तीन 100-100 बेड के जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के साथ घोसी तहसील में स्थित तड़ियाव अस्पताल है। इसके साथ ही दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। इसमें 100 बेड तड़ियाव अस्पताल को छोड़कर सभी अस्पताल दो दशक से अधिक पुराने हैं। वर्तमान में अग्निशमन विभाग के पास से सिर्फ घोसी, दोहरीघाट, मुहम्मदाबाद गोहना और रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दो भवन को ही अग्निशमन विभाग द्वारा एनओसी जारी की है।
जबकि 100 बेड के तीनों बड़े अस्पतालों सहित 49 अस्पताल एनओसी नहीं पा सके हैं। इसमें 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तो आग से बचाव को लेकर फायर सिलिंडर तक नहीं रखे गए हैं। वहीं महिला जिला अस्पताल और जिला अस्पताल में 10 से ज्यादा बार नोटिस मिलने के बाद फायर फाइटिंग और फायर सिलिंडर लगाने की व्यवस्था की जा चुकी है लेकिन ऑटो मेटिक सिस्टम न लगने से उनके आवेदनों को अग्निशमन विभाग हर बार निरस्त कर दे रहा है।