तमसा व सरयू को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सभी ग्राम सभाओं के सरपंचों को प्रेरित करें। जन जागरूकता अभियान के लिए तमसा व घाघरा नदी के किनारे स्थित घाटों पर आरती, घाट पर योग, पेंटिंग प्रतियोगिता, स्कूल व कॉलेज के बच्चों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया जाएं। ये आदेश जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने शनिवार को समीक्षा बैठक में दिए।
डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पौधरोपण, पर्यावरण एवं गंगा समिति जिला पोषण समिति एवं राष्ट्रीय पोषण के प्रगति की समीक्षा की। डीएम ने पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण एवं प्रवाह के संबंध में जल संसाधन नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के जारी आदेशों की जानकारी दी। बताया कि तमसा व घाघरा नदी में प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत अनट्रीटेड वाटर डिस्चार्ज होता है, इस समस्या को दूर करने के लिए सभी नालों की टैपिंग व बायोरेमेडीएशन के बाद ही नदी में प्रवाहित करें। नदी के जल को और स्वच्छ करने के लिए एफएसटीपी का क्रियान्वयन होना जरूरी है। नदियों में भूमि अतिक्रमण की रोकथाम के लिए उचित कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी अधिकारी ने बताया कि छह विभाग माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, बेसिक शिक्षा, जल शक्ति विभाग, सहकारिता विभाग तथा कृषि विभाग द्वारा जियो टैग का कार्य सत प्रतिशत न करने के कारण पौधारोपण की स्थिति पूर्ण न हो सकी है।
पोषण समिति की बैठक में डीएम ने खंड विकास अधिकारियों एवं सीडीपीओ को आंगनबाड़ी केंद्रों पर खेलकूद एवं पेंटिंग प्रतियोगिता कराने को कहा। सीडीपीओ को निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रोंं पर कम से कम 50 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से कराएं और उसका फीडबैक भी ग्रुप के माध्यम से दें। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर राहुल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।