विशेष न्यायाधीश ने पत्र में लिखा कि मामला 20 वर्ष पुराना है। इसका निस्तारण नहीं किया जा सका है। इसके लिए पूर्णरूपेण पुलिस विभाग व साक्षी जिम्मेदार है। यदि साक्षी नियत तिथि तक न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है, तो साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया जाएगा।